बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि।)। मंगला चौक स्थित सिटी माल के सामने मुख्य सड़क में स्थित शासकीय भूमि पर कब्जा कर हरी चटनी नाम से रेस्टोरेंट का संचालन करने वालों पर सोमवार को नगर निगम की गाज गिरी। निर्माण तोड़ने के लिए निगम अमला पूरे दल बल के साथ पहुंचा था। लेकिन अवैध कब्जा करने वालों ने जानकारी दी कि रेस्टोरेंट का निर्माण हो चुका है। ऐसे में इसके अंदर के महंगे सामानों को निकालने का समय दिया जाए। ऐसे में निगम प्रबंधन ने मंगलवार की दोपहर 12 बजे तक सभी सामान निकालने के लिए समय दिया है। इसके बाद अवैध निर्माण को ढहाकर शासकीय जमीन को कब्जा मुक्त बनाया जाएगा।

मंगला चौक से उसलापुर ब्रिज के बीच 36 माल के सामने का है। मुख्य सड़क पर कलेक्टर के नाम पर जमीन दर्ज है। लेकिन इस संतोष परिहार, मोती दयालानी व हरप्रीत सिंह भगत ने कब्जा कर रखा था और हरी चटनी नाम से रेस्टोरेंट का निर्माण कर उसे चालू भी कर दिया। जबकि इस मामले में निगम के भवन शाखा से तीनों को नोटिस जारी कर चार दिसंबर तक निर्माण को खुद ही हटाने का समय दिया गया था। लेकिन नोटिस को दरकिनार कर दिया। साथ ही रेस्टोरेंट का शुभारंभ भी कर दिया।

नगर निगम की अतिक्रमण दस्ता टीम रेस्टोरेंट ढहाने के लिए पहुंच गई। लेकिन कब्जा करने वाले निगम के सामने झुक गए और रेस्टोरेंट के अंदर रखे सामानों को हटाने के लिए दो दिन का समय मांगा। निगम प्रबंधन ने साफ किया कि उन्हें दो दिन का समय नहीं दिया जाएगा। बल्कि सामान निकालने के लिए मंगलवार की दोपहर 12 बजे तक का समय दिया जाएगा। इस अवधि में पूरा सामान निकाल लेना होगा। इसके बाद निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी आयुक्त भी पहुंचे मौके पर

प्रशिक्षु आइएस व प्रभारी नगर निगम आयुक्त वासु जैन भी सोमवार की शाम को मौके पर पहुंच गए और वहां पर कब्जा करने वालों को साफ चेतावनी दी कि इस तरह का कार्य बिल्कुल भी नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जितना जल्दी हो सकता है सामान को बाहर निकाल ले। क्योंकि मंगलवार दोपहर 12 बजते ही निर्माण तोड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

विवाद की रही आशंका

नगर निगम के अतिक्रमण टीम की कार्रवाई करने के दौरान विवाद होने की आशंका रही। ऐसे में पूरा अतिक्रमण टीम मौके पर रहा है। वहीं सिविल लाइन पुलिस भी दलबल के साथ मौजूद रही। बड़ी संख्या देखते हुए कब्जा करने वालों के हौसले पस्त हो गए और किसी भी तरह से इस कार्रवाई का विरोध नहीं कर पाए। निगम ने भी साफ कर दिया था कि विवाद हुआ तो उसी समय निर्माण को ढहा दिया जाएगा।

कीमती सामान से सजा था रेस्टोरेंट

कब्जाधारियों को कार्रवाई का जरा भी डर नहीं था। इसी वजह से पूरे तामझाम के साथ रेस्टोरेंट तैयार किया गया। पूरी तरह से वातानुकूलित अवैध रेस्टोरेंट महंगे सेटअप लगाए गए थे। वहीं अब गलत तरीके से रेस्टोरेंट खोलने का खामियाज इन्हें भुगतना पड़ रहा है।

Posted By: Abrak Akrosh

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