बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

केंद्र सरकार ने देशभर के स्टाकिस्टों को निर्देश दिए हैं कि बीआइएस मार्क (भारतीय मानक ब्यूरो) वाले खिलौनों का ही स्टाक करना होगा और दुकानदारों को यही खिलौना बेचना होगा। उत्पादकों को बीआइएस द्वारा तय मानक के अनुरूप खिलौने बनाने होंगे।

भारत-चीन के बीच बिगड़ते रिश्ते का असर खिलौना बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। स्टाकिस्टों का कहना है कि आयातित खिलौनों में 60 फीसद हिस्सेदारी चीन की होती है। थाईलैंड और फिलीपींस से भी खिलौने आयात किए जाते हैं। बीआइएस मार्क के जरिए चीन से खिलौनों के आयात पर एक तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। विदेश से आयात किए जाने वाले और देश में बनने वाले खिलौनों में खतरनाक रसायन का उपयोग होता है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। बच्चों के खिलौनों को लेकर अब माता-पिता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब भारतीय मानक ब्यूरो वाले खिलौने ही कारखानों में बनेंगे व विदेशों से आयात होने वाले खिलौने को भी इसी मापदंड के अनुरूप बनाना होगा। बीआइएस मार्क के बिना विदेशी खिलौने की आयात की अनुमति नहीं होगी।

बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है विपरीत प्रभाव

देश में खिलौनों का कारोबार काफी बड़ा है। अधिकांश खिलौने चीन, थाईलैंड और फिलीपींस से आयात किए जाते हैं। खिलौनों में खतरनाक रसायन थाइलेट,आर्सेनिक, शीशा और पारा का प्रयोग किया जाता है। इससे बच्चों के लीवर व किडनी पर बुरा असर पड़ता है। इसके कारण बच्चों की हड्डियों के विकास में कमी आती है।

बीआइएस मार्क वाले खिलौनों की खरीदी बिक्री के निर्देश केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए हैं। बिना मार्क वाले खिलौनों की खरीदारी व आपूर्ति प्रतिबंधित है। दुकानदारों को इस संबंध में जानकारी दी जा रही है।

विवेक देवांगन

प्रमुख स्टाकिस्ट,छत्तीसगढ़

Posted By: Nai Dunia News Network

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