बिलासपुर। Bilaspur News : छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभी आरंभ नहीं हुई है। इससे पहले ही अवैध कमाई के चक्कर में बिचौलिए और तस्कर सक्रिय हो गए हैं। पड़ोसी प्रांतों का धान रोकना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। कड़ाके की ठंड में बलरामपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के चेक पोस्ट पर कर्मचारी निगरानी में लग गए हैं। अंतरराज्यीय बिचौलिए पूरी कोशिश में है कि किसानों के नाम पर वे धान की बिक्री कर सकें। इसलिए बलरामपुर जिला प्रशासन ने सभी खरीदी केंद्रों के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिए हैं।

इन्हें एक बार खरीदी केंद्रों का निरीक्षण और किसानों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर लेने कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने की हिम्मत समिति के कर्मचारी न कर सकें। झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश की सीमा से लगे बलरामपुर जिले में पड़ोसी प्रांतों का धान रोकना प्रशासन के लिए कठिन चुनौती है। बलरामपुर जिले के सीमावर्ती इलाकों में कुल 13 चेकपोस्ट लगाए गए हैं। ये चेकपोस्ट ऐसे सीमावर्ती गांव में स्थापित किए गए हैं, जहां पूर्व के वर्षों में पड़ोसी प्रांतों का धान लेकर बिचौलिए यहां खपाने के लिए आया करते थे।

इन बैरियरों में 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। सहकारी समितियों के कर्मचारियों को भी आदेशित किया गया है कि यदि बिचौलियों अथवा पड़ोसी प्रांतों का धान समितियों में खपा, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

पड़ोसी प्रांतों की तुलना में छत्तीसगढ़ में धान के समर्थन मूल्य के अलावा पच्चीस रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर की राशि के भुगतान का प्रावधान किया गया है।

यही वजह है कि पिछले वर्षों में झारखंड, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बिचौलियों द्वारा छत्तीसगढ़ में लाकर धान खपाया जाता था। इस गड़बड़ी में सहकारी समितियों के कर्मचारियों की भी भूमिका संदिग्ध रहती थी। पूर्व के वर्षों में कई समितियों के प्रबंधक व कर्मचारी वित्तीय अनियमितता के दायरे में फंस चुके हैं। पिछले दिनों कलेक्टर कांफ्रेंस में मुख्य सचिव द्वारा पड़ोसी प्रांतों का धान किसी भी प्रकार से छत्तीसगढ़ में न खपने देने का कड़ा निर्देश सभी कलेक्टरों को दिया गया है।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में गड़बड़ी के लिए बदनाम बलरामपुर जिले में पहले से ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी गई है। बलरामपुर जिले का बड़ा क्षेत्र झारखंड, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश से लगता है। कन्हर नदी के रास्ते भी बिचौलिए पूर्व के वर्षों में छत्तीसगढ़ का धान समिति कर्मचारियों की मिलीभगत से खपाते रहे हैं। यही वजह है कि इस वर्ष कलेक्टर श्याम धावड़े ने पहले से ही धान खरीदी व्यवस्था में लगे अधिकारियो-कर्मचारियों को सतर्क कर दिया है।

कुसमी क्षेत्र में दो, रामानुजगंज क्षेत्र में सात और वाड्रफनगर क्षेत्र में कुल चार चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेकपोस्टों पर अभी से ही कर्मचारियों की तैनाती कर निगरानी बढ़ा दी गई है। कलेक्टर ने खुद इन सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर समितियों में धान खरीदी व्यवस्था का भी जायजा लिया है। पड़ोसी प्रांतों का धान रोकने कोशिश की जा रही है, वह तभी सफल हो पाएगी, जब समितियों के कर्मचारी पूरी ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे अन्यथा बिचौलियों का धान समितियों में खपने से रोक पाना आसान नहीं होगा।

खरीदी आरंभ होने का किसानों को है इंतजार

समितियों में धान खरीदी आरंभ होने का किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एक दिसंबर से आरंभ हो जाएगी। सरगुजा, सूरजपुर व बलरामपुर जिले में कम अवधि की धान पक चुकी है। बड़ी संख्या में किसान धान कटाई के बाद मिसाई भी पूरी कर चुके हैं। घरों, खलिहानों में धान सुरक्षित रखना उनके लिए भी परेशानी वाला है।

ऐसे में पहले दिन से ही समितियों में धान की आवक शुरू हो जाने की संभावना है, जिसे देखते हुए सभी उपार्जन केंद्रों में बारदाना के साथ नमी मापक यंत्र की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इस साल बारदाने की भी पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से आवक बढ़ने की स्थिति में खरीदी प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

चार जिले के 104 समितियों में होगी धान खरीदी

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर के कार्य क्षेत्र बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा जिले में कुल 104 समितियां हैं। इन समितियों के अतिरिक्त कुछ स्थानों पर समितियों के अधीन सिर्फ धान उपार्जन केंद्र किसानों की सहुलियत को देखते हुए बनाया गया है। कुल 128 केंद्रों में धान की खरीदी की जाएगी।

उपार्जन केंद्रों में भी धान खरीदी और सुरक्षित भंडारण के लिए सारे इंतजाम अभी से ही पूरे किए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर चबूतरों का निर्माण भी किया जा रहा है। पिछले खरीफ सीजन की तुलना में पंजीकृत किसानों की संख्या भी बढ़ी है। बंपर पैदावार से किसान पंजीकृत रकबे के अनुरूप शत-प्रतिशत धान बिक्री की तैयारी में है।

Posted By: Shashank.bajpai

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