बिलासपुर। तखतपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत भरारी में राशन घोटाले की जांच करने खाद्य विभाग के जांच टीम पहुंची। टीम को गांव की महिलाओं ने बताया कि अप्रैल व मई में केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए अतिरिक्त चावल का सरपंच ने वितरण नहीं किया। चावल मांगने पर कोर्ट के चक्कर लगवाने की धमकी देती है। ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार तक करती हैं। जांच टीम ने महिलाओं का बयान दर्ज किया। इसके बाद वापस लौट गई।

मंगलवार को सुबह 11 बजे जिला खाद्य अधिकार राजेश शर्मा के निर्देश पर टीम ग्राम पंचायत भरारी पहुंची। राशन वितरण केंद्र सामुदायिक भवन में राशन वितरण करने वाले स्व सहायता समूह की सदस्यों को बुलाया। गांव की सरपंच संतोषी वस्त्रकार से भी पूछताछ की गई। सरपंच ने चावल गबन के आरोप को झूठा बताया। दूसरी ओर गांव की महिलाओं ने जांच टीम को बताया कि अप्रैल व मई के अतिरिक्त चावल नहीं दिया गया है। चावल मांगने पर सरपंच अतिरिक्त चावल नहीं आने की बात बोलकर भगा दिया जाती थीं। गांव में 724 राशन कार्ड हैं। इसमें करीब 8500 किलो चावल का गबन की जांच की गई। ग्रामीणों ने स्व सहायता समूह से राशन दुकान को निरस्त करने की मांग की है। अधिकारियों ने बयान दर्ज किया पर तत्काल कार्रवाई नहीं की। जिला के खाद्य अधिकारी को रिपोर्ट सौंपने की बात कही। समूह पर तत्काल कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। जांच टीम और सरपंच के साथ मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों और महिला स्व सहायता समूह व सरपंच का बयान दर्ज करने के बाद जांच टीम वापस लौट गई।

इनके साथ हुई पूछताछ

दुर्गेश्वरी बाई, द्रौपती, संतोषी बाई साहू, वीमू लहरे, हेमलता सम्मत बाई लहरे, संगीता, लता, पुष्पा, संतोषी बघेल, विजया भास्कर, किर्ती बाई, रोशन साहू, जय प्रकाश यादव, राम अवतार, दिलीप कुमार रजक, सुभ्रांत लहरे, लखराम, सालीक राम साहू समेत अन्य लोगों का बयान दर्ज किया गया है।

Posted By: Abrak Akrosh

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