Road Safety Campaign Bilaspur: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सड़क हादसों में घायल लोगों को तत्काल आगे बढ़कर मदद करनी चाहिए। इससे किसी की जान बचाई जा सकती है। समय पर इलाज मिलने से हादसों में हो रही मौत के आंकड़े को कम किया जा सकता है। ये बातें रेलवे बंगाली स्कूल में आयोजित यातायात जागरूकता कार्यक्रम के दौरान रोड सेफ्टी सेल के प्रभारी ने कही।

रेलवे क्षेत्र स्थित बंगाली स्कूल में रोड सेफ्टी सेल की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसआइ उमाशंकर पांडेय ने कहा कि सड़क हादसों में घायलों की मदद करने से लोग बचते हैं। लोगों के मन में पुलिस की पूछताछ का डर बैठा हुआ है। लोगों को लगता है कि मदद करने के बाद पुलिस उनसे पूछताछ करेगी। उन्होंने बताया कि सड़क हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने पर पुलिस की ओर से लोगों से पूछताछ नहीं की जाती। पुलिस ऐसे लोगों को समय-समय पर सम्मानित भी करती है।

उन्होंने बताया कि हादसे में घायल लोगों को सही समय पर उपचार मिलने से जान बचाई जा सकती है। इससे किसी का परिवार भी बचता है। उन्होंने बताया कि सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने वाले 32 लोगों का सम्मान बीते दिनों एसपी पास्र्ल माथुर ने किया है। आगे भी इसी तरह से लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्हांेने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि सड़क हादसे अधिकतर लापरवाही से होते हैं। नियमों का पालन नहीं करने वाले अपने जीवन को असुरक्षित करते हैं। उनकी लापरवाही का नतीजा कई बार निर्दोष लोगों को भी भुगतना पड़ता है। इसके कारण सभी को नियमों को पालन करना चाहिए।

हेलमेट नहीं होने से होती हैं ज्यातार मौतें

सड़क हादसों में ज्यादातर मौते 15 से 25 साल के युवाओं की होती है। इसमें दुपहिया सवार ज्यादा होते हैंं। हादसों की समीक्षा से पता चलता है कि दुपहिया सवार हेलमेट नहीं पहनते इसके कारण उनके सिर में गंभीर चोटंे लगती हंै। यही मौत का कारण भी बनता है। इसके अलावा कई लोग आजीवन अपाहिज हो जाते हैं। इसके कारण परिवार को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।

Posted By: Abrak Akrosh

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