Road Safety Campaign Bilaspur: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। रोड सेफ्टी सेल और यातायात विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर दी जा रही रिपोर्ट और अनुशंसा को गंभीरता से लेने की जरूरत है। सुधार के लिए की जा रही अनुशंसा और सुझाव पर जल्द अमल हो, इस दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। रोड सेफ्टी सेल और यातायात विभाग की अनुंशसा के बाद इस पर अमल करने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की है।

बिलासपुर व सरगुजा संभाग के संभागायुक्त डा. एसके अलंग का कहना है कि सड़कों पर लोगों का जीवन सुरक्षित हो और सफर भी, इस दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। बिलासपुर और सरगुजा संभाग की खराब सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। दुर्घटनाजनित क्षेत्रों की पहचान कर उसे ठीक करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

नईदुनिया की पड़ताल और तकनीकी अधिकारियों से चर्चा के बाद यह बात सामने आई है कि जिले में नौ ब्लैक स्पाट चिन्हांकित हैं। इसके अलावा गांव के बीच से गुजरने वालीं सड़कें भी कम खतरनाक नहीं हैं। घुमावदार होने के कारण ऐसी सड़कों पर अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। संभागायुक्त का कहना है कि लोगों की जानमाल की सुरक्षा के लिए रोड सेफ्टी सेल और यातायात विभाग के अलावा जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उठने वाले मुद्दों और सदस्यों द्वारा दिए जाने वाले सुझाव को गंभीरता से लिया जा रहा है।

सुझाव पर प्रभावी ढंग से अमल की व्यवस्था भी बनाई जा रही है। ब्लैक स्पाट में सुरक्षित सफर के लिए सुरक्षा मानक के अनुसार कार्य करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्थानीय अधिकारियों को दिए गए हैं। दोनों विभाग के आला अफसरों को सामंजस्य बनाने के साथ ही अनुशंसा व सुझाव पर गंभीरता के साथ काम करने की हिदायत भी दी गई है। सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी पालन किया जा रहा है।

सड़क दुर्घटना में घायल होने वालों को तत्काल राहत मिले, इस दिशा में लगातार जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस की भूमिका को लेकर लोगों में जिस तरह भय बना रहता है, उसे भी अब दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की हर हाल में मदद करनी चाहिए। पुलिस आपको तंग नहीं करेगी। जरूरी औपचारिकता के बाद आपको साधुवाद देकर रवाना करेगी। लोगों में मदद की भावना जगाना जरूरी है।

अगर हम यह कर पाएं तो दुर्घटना में घायल लोग समय पर अस्पताल पहुंच जाएंगे और इलाज भी शुरू हो जाएगा। घायलों को समय पर इलाज ना मिल पाने के कारण ही मौत होती है। मददगार सामने आएं और लोगों को अस्पताल पहुंचा दें तो मौत का आंकड़ा भी कम होगा और लोग असमय मौत के मुंह में भी नहीं जाएंगे। यह भावना हमें जगानी होगी। लोग स्वेच्छा से यह काम करें।

मददगारों का करेंगे सम्मान

सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने व इलाज कराने वाले मददगारों की सूची बनाई जाएगी। जिला व पुलिस प्रशासन के बैनर तले समय-समय पर होने वाले कार्यक्रम के दौरान ऐसे मददगारों का प्रशस्ति पत्र व बुके देकर सम्मान किया जाएगा। इससे अन्य लोगों में भी मदद की भावना जागेगी।

Posted By: Abrak Akrosh

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