सरफराज मेमन, Rojnamacha weakly Column: कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर प्रशासन ने लाकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान सब कुछ बंद कर दिया गया। दूसरी बार बढ़े लाकडाउन में प्रशासन की ओर से आम लोगों को राहत देते हुए नियमों में ढील दी गई।

तब चंद व्यापारियों ने इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया। अपनी सुविधा अनुसार दुकानें खोलकर ग्राहकों को सामान देना और माल डंप करवाना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी होने पर महिला सीएसपी ने जिले के सबसे बड़े बाजार में आधी रात दबिश दी। आधी रात पुलिस की सक्रियता देख नियम तोड़ने वालों के होश उड़ गए।

व्यापारियों ने नेताओं और अधिकारियों को फोन करना शुरू कर दिया। अब आधी रात को कौन नेता अधिकारी उनका फोन उठाते? सुबह तक सीएसपी ने कार्रवाई की प्रक्रिया भी पूरी कर दी। जब व्यापारी विधायक के पास पहुंचे तो उन्होंने भी अपनी समस्या बता दी। अब तो पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।

चिल्हर के जुए पर दबिश

लाकडाउन के दौरान कप्तान ने अवैध शराब और जुए के फड़ पर कार्रवाई के लिए थानेदारों को निर्देश दिए। कप्तान के फरमान के बाद जिलेभर के थानेदारों ने कार्रवाई शुरू कर दी। इसमें कई लोग महुआ शराब के साथ पकड़े गए। वहीं नशीली दवा और गांजा बेचने वाले भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

एक थाना प्रभारी इस मामले में पीछे रह गए। कप्तान के निर्देश पर हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच उन्होंने भी बावनपरी नचाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि जब्ती के दौरान थानेदार के हाथ सिर्फ चिल्हर पैसे ही लगे। थाना प्रभारी ने इसकी फोटो खींचकर अधिकारियों को भेज दी।

अब जुए का प्रकरण बनाकर कार्रवाई की गई तो अधिकारियों ने भी इसे मान लिया। लेकिन लोग इस चिल्हर कार्रवाई पर दबी जुबान चर्चा करने लगे। अवैध शराब और जुए के बड़े फड़ पर कार्रवाई के बजाय चिल्हर की कार्रवाई से साथी भी हैरान हैं।

आइजी का मैसेज बना संबल

आइजी रतनलाल डांगी स्वयं कोरोना की चपेट में आ गए। होम आइसोलेशन में रहकर उन्होंने उपचार कराया। इस दौरान वे इंटरनेट मीडिया में सक्रिय रहे। दूसरों को प्रोत्साहित करने के लिए वे लगातार वीडियो और मैसेज डालते रहे। संक्रमित होने के बाद उन्होंने न सिर्फ सकारात्मक विचारों से दूसरों को प्रोत्साहित किया बल्कि वे स्वयं भी जल्द स्वस्थ हो गए।

इसके बाद उन्होंने सबसे पहले पुलिस कर्मियों की सुध ली। आइजी ने रेंज के अलग-अलग थानों में ड्यूटी के दौरान संक्रमित जवानों को फोन लगाया। रेंज के दूरस्थ क्षेत्र में पदस्थ सरिया, पुसौर व करतला क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे जवानों के पास आइजी का फोन गया तो एकबारगी उन्हें विश्वास नहीं हुआ। आइजी ने ना सिर्फ जवानों का हाल जाना बल्कि उन्हें प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने अपने जवानों को बताया कि किस तरह से उन्होंने कोरोना को हराया है। इससे जवानों को संक्रमण से निपटने की ताकत मिली है।

कार्रवाई बना जी का जंजाल

एक तरफ कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वहीं दूसरी ओर लोग नियमों को धता बताकर सड़कों पर बेखौफ घूम रहे हैं। कई व्यापारी भी छूट की आड़ में अपना धंधा चला रहे हैं। इन सबके बीच लोग पुलिस से कड़ाई की उम्मीद भी कर रहे हैं। लोगों को संक्रमण से बचाने पुलिस ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

अब यह कड़ाई कुछ लोगों को परेशानी का सबब लगने लगी है। वे इसकी शिकायत लेकर नेताओं के पास पहुंचने लगे हैं। पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो लाकडाउन फेल होता है। कार्रवाई करती है तो चोरी-छिपे व्यापार करने वालों को समस्या होने लगती है।

ऐसे में पुलिस के लिए कार्रवाई ही जी का जंजाल बनती जा रही है। ऐसे में पुलिस ने लोगों की जान को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई जारी रखने का फैसला लिया है। उन्होंने दूसरे ही दिन और अधिक व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

Posted By: anil.kurrey

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