बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की आरपीएफ ने 14 माह में बिछड़े 422 बच्चों को उनके परिजन से मिलाया है। इसकी वजह से मासूम लापता होने से बच गए।

भारतीय रेलवे में सर्वाधिक माल ढुलाई व एक करोड़ 20 लाख यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का कार्य दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन करता है। इसके साथ सामाजिक दायित्व के कार्य में भी रेलवे की आरपीएफ का अलग स्थान है। सुरक्षा के मद्देनजर स्टेशन में कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा अमला पूरे स्टेशन की निगरानी करता है। इसी व्यवस्था का नतीजा है कि जब कोई बच्चा परिजन से बिछड़ जाता है अमला उन्हें पहले सुरक्षित कार्यालय लाता है। इसके बाद उन्हें परिजन तक पहुंचाने के लिए प्रयास करता है। इसी मुस्तैदी की वजह से अप्रैल 2018 से मई 2019 तक 422 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। पूछताछ व अथक प्रयासों के बाद सभी को सुरक्षित उनके परिजन तक पहुंचाया। परिजन की जानकारी नहीं मिलने की स्थिति में चाइल्ड लाइन को सौंपा गया।

किस माह में कितने बच्चे मिले

अप्रैल - 20

मई - 40

जून - 24

जुलाई - 40

अगस्त - 60

सितंबर - 41

अक्टूबर - 24

नवंबर - 28

दिसंबर - 28

जनवरी - 20

फरवरी - 14

मार्च - 23

अप्रैल - 41

मई - 19

Posted By: Nai Dunia News Network