बिलासपुर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को जल्द ही नया आदर्श वाक्य मिलने वाला है। दरअसल, आरपीएफ का आदर्श वाक्य 'यशो लभस्व" है। यह वाक्य सीधेतौर पर यात्रियों व रेलवे उपभोक्ताओं से जुड़ा हुआ नहीं लगता। ऐसे में विभाग के दायित्वों व यात्रियों से सीधे जुड़ाव को दर्शाने के लिए इसमें बदलाव पर चिंतन करते हुए सुझाव मांगे गए हैं। आरपीएफ से जुड़े अधिकारी और सुरक्षाकर्मी भी अपनी ओर से 22 जनवरी तक सुझाव दे सकते हैं। इसके लिए एक आधिकारिक विभागीय ईमेल एड्रेस भी जारी किया गया है।

यह सुझाव सभी जोन के रेलवे सुरक्षा बल से मांगा गया है। इसमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भी शामिल है। पत्र में लिखा है कि दिल्ली पुलिस, बीएसएफ आदि की तर्ज पर रेलवे सुरक्षा बल का भी आदर्श वाक्य प्रस्तावित की जाए। अभी यह देखा गया है कि आरपीएफ के 'यशो लभस्व" आदर्श वाक्य को आम जनता और यात्रियों को समझना मुश्किल होता है।

इसे देखते हुए ऐसे आदर्श वाक्य सुझाया जाए जो सरल और आम यात्रियों के समझ में हो। इस राय की सबसे खास बात यह है कि सुझाव अधिकारी से लेकर आरक्षक दे सकते हैं। सभी का सुझाव स्वीकार होगा। इतना ही नहीं जिनका सुझाव चयनित होगा उसे प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रस्तावित आदर्श वाक्य में इस बात का ध्यान रखना है कि आरपीएफ का क्या अर्थ है यह आरपीएफ द्वारा किए गए कर्तव्यों की प्रकृति को दर्शाता हो। इसे बल की उपलब्धियों और दूरदृष्टि पर प्रकाश डालना चाहिए। इसके अलावा बल की विशिष्टता के बारे में संकेत देता हो। वाक्य दो या तीन शब्द से बड़े नहीं होना चाहिए।

जोन में दिख रहा उत्साह

आरपीएफ का नया आदर्श वाक्य चयन को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के अधिकारी व बल सदस्यों में उत्साह नजर आ रहा है। आरपीएफ पोस्ट स्तर पर सुझाव की सूची वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त कार्यालय को मिलेगी। यहां से जोन मुख्यालय और उसके बाद दिल्ली मुख्यालय भेजी जाएगी।

रेलवे सुरक्षा बल के डायरेक्टर जनरल रेलवे बोर्ड की ओर से आरपीएफ के ध्येय वाक्य के लिए सुझाव मांगा गया है। इसका उद्देश्य इसे और भी सर्वग्राही, सर्वव्यापी व सर्वसुलभ बनाना है।

साकेत रंजन

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

Posted By: Yogeshwar Sharma

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