बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।स्कूल चलें हम: मुख्यमंत्री के निर्देशों का असर कुछ ही घंटों में साकार होते दिखाई दिया। शुक्रवार को सुबह मुख्यमंत्री आवास से कलेक्टर के पास संदेश आया। संदेश के बाद अमल की प्रक्रिया जिला प्रशासन के तरफ से शुरू हुई। सुबह 11 बजते-बजते आदेश पर अमल हो गया और मुख्यमंत्री आवास रिपोर्ट भी भेज दी गई। आर्थिक रूप से कमजोर दो बच्चों का भविष्य अब संवरने लगेगा। दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी मिली थी कि गंगा और अस्र्ण अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ना चाहते हैं। आर्थिक तंगी इतनी कि पढ़ाई का खर्च माता पिता नहीं उठा पा रहे हैं। रहने के लिए छत भी नहीं है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मीडिया के माध्यम से आठ वर्ष की बालिका गंगा साहू और छह वर्ष के बालक अरुण साहू के बारे मंे पता चला। सुबह आठ बजे मुख्यमंत्री निवास से बिलासपुर कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर को संदेश मिला कि इन दोनों बच्चों के लिए तत्काल शिक्षा और इनके परिवार के लिए आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में निर्देश दिए। निर्देश को अमल में लाते हुए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल लिंगियाडीह में गंगा को कक्षा दूसरी में और अरुण साहू को कक्षा पहली में प्रवेश दिलाया गया है। गणवेश, पाठ्य पुस्तक और अध्ययन के लिए अन्य जरूरी साम्रगी प्रदान की। इन बच्चों के परिवार के पास रहने के लिए घर नहीं है। इसलिए बच्चों के स्कूल के समीप ही परिवार को कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम द्वारा राजकिशोर नगर में आइआरडीपी योजना के तहत निर्मित आवास उपलब्ध कराया गया है।

बच्चों के पिता गणेश राम साहू जो रिक्शा लेकर चलाते हैं और अपना जीवन—यापन करते हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे क्षेत्र में स्थित झोपड़ापारा में उनका निवास था लेकिन मकान में तोड़फोड़ होने से वे बेघर हो गए थे। परिवार की विकट समस्या के चलते उनके बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो गई थी। बच्चों के पढ़ने की ललक को देखते हुए वे उनकी शिक्षा जारी रखने के लिए किसी तरह प्रयास कर रहे थे।

Posted By: anil.kurrey

NaiDunia Local
NaiDunia Local