बिलासपुर। Bilaspur News: कोरबा की शिल्पा ने बचपन से ही अपने पिता सेवन राठौर को परिवार की जरूरतों के लिए दिन-रात पसीना बहाते देखा था। वर्षों किराए के मकान पर रहे, फिर एक कमरे में गुजारा चला। 22 साल दैनिक वेतन पर काम करने के बाद मासिक वेतन मात्र 1200 हुआ। यह राशन-सब्जी व स्कूल की फीस के लिए बहुत कम था। शिल्पा ने घर की यह स्थिति बदलने की ठानी। कड़ी मेहनत कर इंजीनियरिंग की डिग्री ली और आज वह अपने ही पिता के ही कार्यालय में वरिष्ठ अफसर का दायित्व संभाल रही हैं। अपनी अफसर बिटिया के दफ्तर में स्वच्छता कर्मी सेवन भी अब शान से काम कर रहे हैं।

समाज में आज बेटियों का महत्व किसी मायने में कम नहीं। नगर निगम कोरबा के स्वच्छताकर्मी सेवन राठौर की होनहार बेटी शिल्पा ने भी अपनी कोशिशों से कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। 12वीं तक पढ़ी मां संगीता व 11वीं तक पढ़े सेवन ने अपनी होनहार बेटी शिल्पा व सुरभि को उनकी इच्छा के अनुरूप न केवल खूब लिखाया-पढ़ाया, बल्कि अपने सपनों को पाने का खुला आसमान भी दिया। शिल्पा में भी कुछ कर दिखाने की जिद थी। वर्ष 2016 में सिविल इंजीनयरिंग की डिग्री लेकर शिल्पा आज अपने पिता के दफ्तर में उन्हीं की वरिष्ठ अधिकारी बनकर काम कर रही है और पिछले चार साल से अपने पिता का कद ऊंचा कर रही हैं।

जब विजिट पर आती है, लगता है मैं अफसर बन गया

शिल्पा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगर निगम कोरबा में जिला समन्वयक हैं। उनके अधीन 700 सफाई मित्र व पांच स्वच्छता पर्यवेक्षक कार्यरत हैं। इनमें टीपी नगर जोन में पदस्थ उनके पिता सेवन भी एक हैं। सेवन ने कहा कि जब कभी बेटी फील्ड विजिट में आती हैं, तब दोनों अपने पद की गरिमा के अनुरूप भूमिका निभाते हैं। इस बीच उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है और लगता है कि वे अफसर बन गए। यह अनुभूति अनमोल है।

22 साल साइकिल पर गए पापा, कार देख छलके आंसू

मूल रूप से जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती से लगे ग्राम नंदौरकला के रहने वाले सेवन की छोटी बेटी सुरभि ने कंप्यूटर साइंस में इसी वर्ष एमएससी की डिग्री प्राप्त की है। वह भी कालेज टापर हैं। सुरभि ने बताया कि वर्ष 2008 में पिता नियमित हुए पर उन्हें 22 साल साइकिल में काम पर जाते देखा। इसलिए दीदी शिल्पा ने अपना वेतन जोड़कर पापा-मम्मी के लिए कार लिया। वह क्षण अनमोल था, जब यह उपहार देख माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू भर आए थे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags