बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

निगम के शेष बचे तीन एमआइसी सदस्य के लिए महापौर और कांग्रेस संगठन पदाधिकारियों के बीच शहजादी कुरैशी, रविंद्र सिंह और रामा बघेल को लेकर अंतिम सहमति बन गई है। अब इसकी अधिकृत घोषणा होनी शेष है। इसी के साथ सभी एमआइसी सदस्यों को विभाग भी आवंटित कर दिए जाएंगे।

निगम में कांग्रेस का महापौर बनने के बाद 11 एमआइसी सदस्यों के नामों की घोषणा हो गई है। जबकि 14 सदस्य निगम में बनाए जा सकते हैं। शेष बचे तीन पद के लिए पार्षदों के बीच मारामारी की स्थिति है। पिछले कुछ दिन चले विचार विमर्श के बाद शहजादी कुरैशी, रविंद्र सिंह और रामा बघेल के नाम पर सहमति बन गई है। हालांकि इसकी अधिकृत घोषणा अभी नहीं हुई है। माना जा रहा है कि एमआइसी की पहली बैठक के पूर्व अधिकृत घोषणा हो जाएगी। इसी के साथ अब एमआइसी सदस्यों को विभागों का भी आवंटन कर दिया जाएगा। निगम में जल, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य और राजस्व को ही सबसे अहम विभाग माना जा रहा है। इन विभागों को किसे दिया जाए इस पर ही सबसे ज्यादा विचार विमर्श चल रहा है। इसके बाद जो पद बच जाएंगे उसे अन्य सदस्यों को बांटे जाएंगे। कुछ एमआइसी सदस्यों से विभाग को लेकर उनकी रुचि भी पूछी गई है। माना जा रहा है कि एमआइसी सदस्यों के अंतिम नामों की घोषणा होने के साथ ही पहली बैठक की तारीख भी तय कर दी जाएगी। पहले ही निगम अधिकारियों को एमआइसी की पहली बैठक के लिए एजेंडा तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। कोशिश हो रही है कि पहली बैठक में किसी महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय हो। इसे देखते हुए एजेंडा तैयार करने में अधिकारियों को विलंब हो रहा है।

नाराज को जोन प्रभारी का लालीपॉप

कांग्रेस पदाधिकारियों को यह मालूम है कि 14 एमआइसी सदस्य बनाने के बाद भी कई पार्षद नाराज रहेंगे। इसे देखते हुए नई शहर सरकार ने हर जोन के लिए एक-एक जोन प्रभारी भी बनाने की घोषणा कर दी है। जिन पार्षदों को एमआइसी में जगह नहीं मिलेगी उन्हें संतुष्ट करने के लिए जोन प्रभारी का पद दिया जाएगा। निगम में आठ जोन हैं। इस तरह इतने ही पार्षद फिर उपकृत हो जाएंगे।

समर्थन से अधिक विरोध में कांग्रेसी

एमआइसी में तीन पार्षदों को और लिया जाना है। असली दिक्कत यह है कि कांग्रेसी किसी पार्षद को पद दिलाने के बजाय विरोध में अधिक ऊर्जा लगा रहे हैं। हर नेता और कार्यकर्ता के पास उनके पसंद का एक नाम है,जिसे एमआइसी में नहीं लेने के लिए वे लॉबिंग कर रहे हैं। हाल यह है कि कई नेता तो विरोध करने राज्य संगठन से लेकर मंत्रियों तक पहुंच गए हैं। ऐसे में तीन नामों की घोषणा के बाद कांग्रेस में अंदरखाने बवाल भी मचने की आशंका जताई जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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