बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

भगवान श्रीराम दर्शन के मार्ग पर चलने पर राह में कठिनाइयां तो आएंगी लेकिन अंत में प्रसिद्धि मिलेगी। जब आप इस मार्ग पर चलने लगेंगे तो बड़ी संख्या में लोग भी विरोध करेंगे। जब परिवार ही तुम्हारा विरोध करने लगे तो समझ लेना की राम दर्शन दूर नहीं है और वहीं अपने को मजबूती से थामे रखें।

ये बातें जगमल चौक के पास चल रही श्रीराम कथा के अंतिम व विश्राम दिवस बुधवार को कथा व्यास राष्ट्रीय संत चिन्मयानंद बापू ने कही। उन्होंने आगे कहा कि राम भजन की यात्रा पर निकलेंगे तो समाज का विरोध भी सहना होगा। ये समाज किसी को भी नहीं छोड़ता है। ये दुनिया वाले बड़े ही उलटे हैं। जीते जी तो गालियां देते हैं और मरने के बाद पूजन करते हैं और समाधि बनाते हैं। राम दर्शन में कठिनाइयां आएंगी। लेकिन, जो सच्ची आस्था और प्रेम से इस मार्ग को थामे रखेगा उसके जीवन में भगवान की कृपा हमेशा बनी रहेगी। इसी कड़ी में उन्होंने राम-भरत मिलाप, सीता हरण, हनुमान मिलाप की कथा वर्णन किया। वहीं लंका विजय की कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर होते रहे। लंका विजय के बाद जब श्रीराम माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटते हैं तब अयोध्या में उत्सव मनाया जाता है और राम के राज्याभिषेक के साथ ही सभी ओर सुख-समृद्घि की वर्षा होने लगती है। कथा विश्राम के बाद आरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया।

0 हास्य के रंग सजे

कथा विश्राम के बाद हास्य कवि सम्मेलन हुआ। इसमें कैकेयी की मानी तो दशरथ पूजे जाते हैं, राम ने सीता की मानी तो राम पूजे जाते हैं लेकिन रावण ने कभी मंदोदरी की नहीं मानी तो हर वर्ष जलते हैं.., बापू हम सब धन्य हुए मिला आपका संग, मैली चादर धूल गई चढ़ा कबीरा रंग.., गीतों, छंदों की शाम लिख जाए.. समेत हास्य की कई कविताओं से हास्य के रंग सजते रहे। हास्य कवि सुनील जोगी, पद्मश्री सुरेंद्र दुबे, पद्मिनी व दिनेश बावरा ने सभी को जमकर गुदगुदाया।

0 मना जन्मोत्सव

कथा विश्राम के बाद संत चिन्मयानंद का 39वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा स्थल पर उनके 39वें जन्मोत्सव की खुशी में 39 मोमबत्तियां प्रज्जवलित की गई और श्रद्घालुओं ने उन्हें बधाई दी व अपने श्रद्घा सुमन अर्पित किए। इसके साथ ही बापू ने निर्धन परिवारों के लिए अनाज, कंबल और साड़ी का वितरण किया। साथ ही बच्चों को शिक्षण सामग्री भी प्रदान की।

0 हुआ दीप यज्ञ सजी झांकी

भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ। इस अवसर पर पंडाल में दीप यज्ञ किया गया। सैकड़ों दीपों से की रोशनी से पंडाल जगमग होता रहा और भगवान के राज्याभिषेक की खुशियां मनती रही। भगवान के साथ उत्सव का आनंद छाया रहा। इस अवसर पर राजदरबार की मोहक झांकी सजी रही।

Posted By: Nai Dunia News Network