बिलासपुर। सिम्स(छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) के रेडियोलाजी विभाग में शनिवार को मेंटेनेंस के दौरान शार्ट सर्किट से एक्स-रे मशीन में आग लग गई। हालांकि तत्काल आग पर काबू पा लिया गया। फिर भी मशीन को काफी नुकसान पहुंचा है। सिम्स में मरीजों की सुविधा के लिए कुछ माह पूर्व आधुनिक एक्स-रे मशीन लाई गई थी। करीब 12 लाख स्र्पये की यह मशीन कक्ष नंबर तीन में स्थापित है। रोजाना इस मशीन से मरीजों की एक्सरे जांच होती है। शनिवार को एक्स-रे मशीन की मेंटेनेंस करने वाली कंपनी का इंजीनियर आया था। इंजीनियर मशीन की जांच कर रहा था।

इसी दौरान अचानक शार्ट सर्किट होने के कारण मशीन में आग लग गई। पूरे कमरे में धुआं भर गया। आग लगने की खरब फैलने ही सिम्स में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक मशीन को भारी नुकसान पहुंच चुका था। इधर सिम्स प्रबंधन का कहना है कि एक्स-रे मशीन गारंटी और वारंटी पर है। इसलिए कंपनी को ही इसे दुरूस्त करना होगा या नई मशीन देनी होगी।

पहले भी हो चुके हैं हादसे

सिम्‍स में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले कई बार आग लग चुकी है। जनवरी 2019 में सिम्‍स के गायनिक ओटी में आग लग गई थी। इससे निकलने वाला काला धुआं एनआइसीयू में भर गया था। इस वाार्ड में गंभीर रूप से बीमार बच्‍चों का इलाज किया जाता है। आनन फानन में सभी बच्‍चों को निकाला गया। उन्‍हें दूसरे अस्‍पतालों में भर्ती किया गया। इसमें से कुछ बच्‍चों की मौत हो गई थी। इसके अलावा लेबर ओटी पूरी तरह जलकर खाक हो गया था। मामले की जांच में भी शार्ट सर्किट का घटना की वजह बताया गया था। इसके बाद भी हालत को सुधारने के लिए खास उपाय नहीं किए गए। सिम्स में अस्पताल के ज्यादतर हिस्से में वायरिंग की स्थिति बहुत खबरा है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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