बिलासपुर। जिला प्रशासन व नगर निगम के द्वारा अरबों स्र्पये के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें से लगभग सभी कार्यों की डेड लाइन खत्म हो चुकी है। इसके बाद भी इन निर्माण कार्यों ने गति नहीं पकड़ी है। ऐसे में इनकी लागत भी बढ़ती जा रही है। मौजूदा स्थिति में शासन स्तर पर कोनी में 220 करोड़ का सिम्स सुपर स्पेसलिटी हास्पिटल तैयार किया जा रहा है। इसे इस वर्ष मार्च तक तैयार कर लेना था। लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में तकरीबन 10 करोड़ की लागत राशि बढ़ गई है। इसी तरह स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम बनाया जा रहा है।

इसकी लागत 350 करोड़ स्र्पये है। लेकिन देर होने से इस प्रोजेक्ट की लागत राशि बढ़कर 370 करोड़ स्र्पये पहुंच गई है। वहीं, अरपा नदी के संवर्धन के लिए मेगा प्रोजेक्ट चल रहा है। इसकी लागत 1850 करोड़ स्र्पये है। लेकिन इसका काम भी धीमा चल रहा है। ऐसे में इसकी लागत राशि बढ़ गई है। इसका आकलन किया जा रहा है। इसी तरह नगर निगम के द्वारा स्पोर्टस काम्प्लेक्स, मल्टी लेवल पार्किंग, शहर के चारों ओर नाला निर्माण के साथ अन्य छोटे बड़े निमार्ण कार्य चल रहे हैं।

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इसकी लागत 100 करोड़ के आसपास थी, जो अब बढ़कर 120 करोड़ स्र्पये तक पहुंच गई है। साफ है कि तय समय पर काम पूरा नहीं करने का खामियाजा करोड़ों स्र्पये व्यर्थ में खर्च कर सहना पड़ रहा है। जबकि इस राशि से और भी विकास कार्य हो सकते थे। लेकिन अधिकारियों के लापरवाही और निर्माण कार्य के ठेकेदारों की मनमानी की वजह से जनता के पैसे बर्बाद हो रहे हैं। इसके बाद भी कार्य में तेजी लाने के लिए इन विभागों द्वारा कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।

Posted By: Abrak Akrosh

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