बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

पुराना बस स्टैंड को तोड़कर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत व्यावसायिक कांपलेक्स बनाने के निर्णय का व्यापारी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपनी दुकानों को किसी भी हाल में छोड़ने को तैयार नहीं हैं। यदि दुकान तोड़ी तो उससे पहले व्यवसाय करने आसपास वैकल्पिक दुकान निगम को देनी होगी।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पुराना बस स्टैंड को आधुनिक व्यावसायिक कांपलेक्स बनाने की योजना है। इधर पुराना बस स्टैंड में पहले ही निगम कई व्यापारियों को दुकान दे चुका है, जहां वे अपना व्यवसाय कर रहे हैं। दुकान टूटने की सूचना पर सभी व्यापारी नाराज हैं। सबसे पहले तो उन्होंने निगम के प्रस्ताव को ही ठुकरा दिया है। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें स्मार्ट दुकान नहीं चाहिए। यदि उनके प्रतिष्ठान में तोड़फोड़ हुई तो जमकर विरोध करेंगे। इसके बाद भी दुकान को तोड़ा गया तो उन्हें आसपास कोई वैकल्पिक दुकान दी जाए, जहां सभी अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। क्योंकि व्यवसायिक कांपलेक्स बनने में सालों लग जाएंगे। तब तक दुकान बंद रही तो व्यापारियों का घर नहीं चलेगा। इसी तरह उन्होंने तय किया है कि पहले नए व्यावसायिक कांपलेक्स में दुकान आवंटन की शर्तों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद इन शर्तों को लिखित में निगम अधिकारियों से लेने के बाद ही उन्होंने प्रतिष्ठान छोड़ने की बात कही है। दुकान तोड़े जाने की बात सामने आने पर सभी ने अपना नया संगठन बनाने की बात भी सर्वसम्मति से तय की है। उनका संगठन व्यापारी हितों की रक्षा के लिए लड़ेगा। बैठक में सुंदर लाल गुप्ता, सुशील गुप्ता, सुरेश शुक्ला, अशोक, मोनू भाटिया, मोहम्मद सागीर, राजीव गुप्ता, रजनीश, मनीष कुमार अग्रवाल, तारा खंडेलवाल, सिराज मेमन आदि मौजूद थे।