बिलासपुर।Smart City News Bilaspur: नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना के कामकाज को लेकर जिला प्रशासन व नगर निगम के अफसरों को कटघरे में खड़ा किया है। केंद्र सरकार ने बिलासपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए इस परियोजना में शामिल किया है। निगम सीमा के अंतर्गत 70 वार्ड आते हैं। यह कैसी स्मार्ट सिटी परियोजना है जिसमें मात्र 14 वार्ड को शामिल किया गया है। निगम सीमा में विस्तार करते हुए 18 ग्राम पंचायतों व तीन नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। इन वार्डों के विकास की किसी को चिंता नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2017 में जारी सूची मे स्मार्ट सिटी बिलासपुर को शामिल किया है। इसके बाद से लेकर विकास कार्य के लिए एक भी बैठक नहीं बुलाई गई है। न ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से सलाह मशविरा किया गया है। अधिकारी दफ्तर में बैठकर योजना बना रहे हैं। इसी के अनुसार मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया है।

स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को मूर्तरूप देने के लिए प्रथम किस्त मे केंद्र सरकार द्वारा 58 करोड़ तथा राज्य सरकार द्वारा 56 करोड़ स्र्पये स्वीकृत किए गए हैं। केंद्र व राज्य सरकार ने बिलासपुर स्मार्ट सिटी को 114 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इसमें केवल 16 करोड़ स्र्पये का कार्य किया गया। दूसरी किस्त पाने प्रस्तावित कार्य योजना के लिए 235 करोड़ स्र्पये का बजट बनाया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने सवाल उठाते हुए कहा कि अभी भी प्रस्तावित कार्य योजना मे सिर्फ 14 वार्ड को लिया गया है बाकी सभी वार्ड को छोड़ दिया गया है। स्मार्ट सिटी विकास परियोजना के तहत केवल दो से तीन योजना ही पूर्ण हो पाया है। बाकी योजना पर अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। राज्य सरकार स्मार्ट सिटी के लिए केवल कार्ययोजना प्रस्तावित कर रही है वह भी महज कागजी कार्यवाही दिख रही है। धरातल मे यह आम जनता को कष्ट दे रही है जगह जगह सड़कांे की खोदाई की जा रही है।

Posted By: anil.kurrey

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