बिलासपुर। भोजली पर्व को विशेष स्थान व दर्जा देने की मांग को लेकर सामाजिक संगठन सामने आ रहे हैं। पोस्टर कार्ड के माध्यम से राज्य सरकार को अवगत कराएंगे। इसके लिए अभियान चलाया जा रहा है। आदेश जारी करने के लिए राज्य सरकार से मांग की जाएगी। मुख्यमंत्री के नाम पोस्ट कार्ड अभियान को अच्छा समर्थन मिला। भोजली महोत्सव समिति तोरवा द्वारा विगत कई वर्षो से छत्तीसगढ़ के पारंपरिक भोजली पर्व के संवर्धन व त्योहार की महत्ता को आने वाली पीढ़ी व सभी वर्गों के समाज तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिले के, सभी समाज के प्रमुख के द्वारा सहयोग एवं समर्थन मिला। 2000 से अधिक पोस्ट कार्ड लोगों ने लिखा। समिति के अध्यक्ष शंकर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निवेदन किया गया है कि छत्तीसगढ़ लोक पर्व हरेली, तीजा, पोरा तिहार की तरह भोजली पर्व को भी छत्तीसगढ़ में भी एक अलग स्थान व विशेष दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि भोजली पर्व छत्तीसगढ़ का प्रमुख त्योहार है। सांस्कृतिक पहचान है। ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरी क्षेत्र में भोजली पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। भोजली का पर्व शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति का निर्वाह करते हुए लोगों ने अपने घरों में भोजली रोपते है। भोजली को घर से नदी तक शोभायात्रा निकालकर ग्राम देवता की पूजा-अर्चना करते हैं। लोगों ने मितान बदकर सीताराम भोजली कहकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। वपूजा अर्चना पश्चात शोभायात्रा के साथ भोजली का विसर्जन नदी तालाब में करते हैं। ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्र में भोजली का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि नागपंचमी के दिन छोटे बच्चे चुरकीए टुकनी में मिट्टी लाकर उसमें गेहूं की बिहई भिगोकर बोते हैं।

फिर रक्षाबंधन के दूसरे दिन उसे नदी में विसर्जित करते हैं। गंगेश्वर सिंह उइके, सुनील भोई नंदकिशोर यादव, मुकेश केंवट, शुभम यादव, कमल पटेल, विनोद भोई, धनेश रजक, गीता रजक, मनीष पटेल, मनोहर पटेल, महेंद्र घुरू, संजय पटेल, शशि सैनिक, राजा पांडेय, तुलाराम केंवट, देवा भोई, रामचरण रजक, सुखमत केंवट, रामबाई सैनिक, कुंवारी भोई, रामप्यारी पटेल, बनवास यादव, जुग्गा भोई, पार्वती पटेल समेत अन्य लोग भोजली को विशेष दर्जा दिलवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close