बिलासपुर। कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं, लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। शहरी में मरीज कम नहीं हो रहे हैं। आधा दर्जन से ज्यादा क्षेत्र संवेदनशील हैं। जहां पर सामुदायिक संक्रमण की आशंका को दरकिनार नहीं किया जा सकता है। शनिवार को जिले में एक कोरोना संक्रमित की मौत हुई है और 315 पाजिटिव मिले हैं। ठंड कम होने के साथ संक्रमण में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल कोरोना का डेल्टा वैरियंट कमजोर होने लगा। इस बीच ओमिक्रोन वैरियंट फैला तो दिक्कत हो सकता है। इसलिए कोरोना नियंत्रण के साथ ही ओमिक्रोन वैरियंट को फैलने से रोकने की कवायद की जा रही है।

इन सब के बीच थोड़ी राहत यह है कि मामले कम हो रहे हैं। फिर भी खतरा टला नहीं है। लापरवाही हुई तो हालत सुधरने के बजाय बिगड़ सकते हैं। खासकर शहर में नियंत्रण की गति धीमी है। लगातार मरीज मिल रहे हैं। विनोबा नगर, रेलवे परिक्षेत्र, नेहरू नगर, सरकंडा, हेमूनगर बेहद सवेदनशील हैं। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग का अमला इन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिनों को सक्रिय किया गया है। उन्हें कहा गया है कि वे क्षेत्र में नजर रखें और लक्षण वाले मरीजों का कोरोना जांच के साथ उपचार कराएं। शनिवार को सिरगिट्टी के नगपुरा निवासी 46 वर्षीय राजेंद्र कुमार टंडन की मौत हुई है।

फिर लापरवाह हुए शहरवासी

लगातार पांच दिनों से संक्रमण के मामलों में कमी दर्ज की जा रही है। ऐसे में लोगों को यह लग रहा है कि इस बार कोरोना वायरस कमजोर हो चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में कोरोना पूरी तरह से नियंत्रण में आ जाएगा। इसी को लेकर अब लोग फिर से लापरवाही बरतने लगे हैं।

ग्रामीण क्षेत्र होते जा रहे सुरक्षित

शहर के किसी न किसी इलाके में रोजाना कोरोना विस्फोट हो रहा है। जहां एक साथ 10 से 15 मरीज मिल जा रहे हैं। इसके विपरीत ग्रामीण क्षेत्र सुरक्षित होते जा रहे हैं। जहां लगातार दिनों में संक्रमण का ग्राफ गिरते जा रहा है।

ओमिक्रोन: 150 से ज्यादा सैंपल की जांच अटकी

शहर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन का मरीज मिलने के बाद दहशत बनी हुई है। कोरोना प्रोटोकाल और केंद्र के निर्देश पर हर दिन मिलने वाले संक्रमित के चार प्रतिशत सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भुवनेश्वर भेजा जाता है। ऐसे में अभी भी 150 से ज्यादा सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। मालूम हो कि अभी तक जिले में ओमिक्रोन के चार मरीज मिल चुके हैं। हालांकि सभी पूरी तरह से स्वस्थ भी हो चुके हैं।

फिर घटी संख्या, 6,730 को लगा टीका

जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत शुक्रवार को 6,730 को टीका लगा। इसमें 593 लोगों को सतर्कता डोज लगाई गई। वहीं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग में 333 टीकाकृत हुए। शनिवार की सुबह से लगभग सभी केंद्र खाली रहे हैं। इसी वजह से टीकाकरण में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अन्यथा रोजाना 10 हजार से ज्यादा को टीका लग रहा था। शनिवार को सतर्कता डोज के तहत 116 स्वास्थ्य कर्मियों, 135 फ्रंट लाइन वर्करों और 60 प्लस में 288 को टीका लगाया गया। अन्य वर्ग में सबसे ज्यादा डोज 18 प्लस में लगाई गई। इसमें 767 को पहले और 3,994 को दूसरे चरण का टीका लगाया गया है। वहीं, 45 से 59 साल आयु वर्ग में 71 को पहली और 767 को दूसरी डोज दी गई। 60 प्लस में 26 को पहले और 216 को दूसरे चरण का टीका लगाया गया है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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