बिलासपुर। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया था। आज सुबह आसमान साफ नजर आया। इसके बाद प्रातः सूर्य देव के दर्शन हुए। दिन चढ़ने के साथ फिर से बादलों ने अपना कब्जा जमा लिया। एक दिन पहले रविवार को अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई थी। मौसम वेधशाला के मौसम विज्ञानी डॉ एचपी चंद्रा के मुताबिक एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका उत्तर-पश्चिम राजस्थान से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर 1.5 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक द्रोणिका दक्षिण छत्तीसगढ़ से पूर्व-मध्य अरब सागर तक 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।

27 जून को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छीटें पड़ने की संभावना है। प्रदेश में गरज चमक के साथ एक-दो स्थानों पर वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की भी संभावना बनी हुई है। बता दें कि पिछले 48 घंटों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। वहीं 24 घंटे के भीतर शहर में बारिश नहीं हुई है। जिसके बाद आज मौसम खुल गया। ऐसा माना जा रहा है कि यह बहुत अधिक देर तक स्थिति ऐसी नहीं रहेगी। दोपहर को मौसम में बदलाव संभावित है। शाम या देर रात तक झमाझम बारिश भी हो सकती है। वही किसान भी अपनी खेती के कार्य में जुट गए हैं।

पौधारोपण का सिलसिला जारी

वर्षा ऋतु आरंभ होने के साथ ही शहर के भीतर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पौधारोपण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। रविवार को कई अलग-अलग इलाकों में लोगों ने पौधारोपण किया। अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय और गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस वर्ष बड़े पैमाने पर पौधरोपण का लक्ष्य रखा है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। कहीं फलदार पौधे रोपे जा रहे हैं तो कहीं औषधि पौधे भी लगाए जा रहे हैं। वहीं सड़क के किनारे ज्यादातर छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं। पीपल और बरगद के वृक्ष को लेकर भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है। ऑक्सीजन की समस्या से निपटने बड़ी संख्या में इन पौधों को रोपा जा रहा है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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