बिलासपुर। प्राकृतिक आपदा से स्कूलों के शिक्षक और बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। संकुल स्तरीय तीन दिवसीय शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा प्रशिक्षण तिफरा में आयोजित किया गया।

स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा योजना के तहत बिलासपुर शहरी एवं ग्रामीण के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। मास्टर ट्रेनर जय कौशिक, योगेश करंजगावकर द्वारा शाला सुरक्षा तथा व्यक्तिगत सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि कैसे आपदा विपदा और जोखिम में लोगों की जान बचाई जा सकती है।

भूकंप, आग, बाढ़ से होने वाली जन धन की हानि को कैसे कम कर सकते है। आग लगने पर फायर सेफ्टी सिलेंडर कैसे उपयोग करें, घरेलू गैस सिलेंडर से होने वाली दुर्घटना को कैसे कम किया जा सकता है। हर वर्ष सांप काटने से होने वाली मृत्यु कैसे रोक सकते है। मधुमक्खी, कुत्ते और मधुमक्खी के काटने पर बचाव के तरीके, एक्सीडेंट की स्थिति में मरीज की जान बचाएं सहित कई जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के समापन और अंतिम दिवस में विकास खंड शिक्षा अधिकारी रघुवीर सिंह राठौर, यूआरसी क्रांति साहू, बीआरसी देवी चंद्रकार पहुंचे। प्रशिक्षण की व्यवसथा संकुल प्रभारी प्राचार्य मृदुला त्रिपाठी, संकुल समन्वयक सुनील पाण्डेय और रंजीत बनर्जी ने पूरी व्यवस्था की।

शिक्षक और बच्चों की सुरक्षा जरूरी

जिला शिक्षाधिकारी डीके कौशिक ने कहा कि राज्य शासन के आदेश पर सभी स्कूलों में आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ताकि पढ़ाई के दौरान कोई अप्रिय घटना होने से सभी को सुरक्षित बचाया जा सके। शासन और विभाग के लिए बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close