बिलासपुर।Displeasure with the Government: छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन और राज्य सरकार एक बार फिर आमने-सामने हो गए हैं। संघ के पदाधिकारियों ने जन घोषणा पत्र के अनुस्र्प मांगों को पूरी करने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। संघ ने साफ कर दिया है कि मांगे पूरी ना होने पर गांधी जयंती के अवसर पर दो अक्टूबर से सत्याग्रह किया जाएगा। तब एक बार फिर विवाद की स्थिति बनेगी। संघ ने कहा है कि संविलियन के पूर्व तत्कालीन प्रमुख सचिव शिक्षा ने संविलियन तिथि से विभाग के शिक्षा व अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के सहायक शिक्षक,शिक्षक व व्याख्याता की सूची में संविलियन होने वाले शिक्षकों को वरिष्ठता देने की बात कही थी।

इस बात का छत्तीसगढ़ पंचायत व ननि शिक्षक संघ ने विरोध करते हुए प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता देने की मांग की थी। संघ ने कहा था कि नियुक्ति की कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। सीधे संविलियन किया जा रहा है तो प्रथम नियुक्ति को ही मापदंड मानकर मान्य किया जाए। सेवा पुस्तिका पूर्व का ही है लिहाजा इसे ही मापदंड मान लिया जाए।

कुछ शिक्षक संघो के विरोध के कारण प्रथम नियुक्ति को वरिष्ठता ना देकर एक पृथक एलबी संवर्ग बना दिया गया। संघ का मानना है कि प्रदेश के एल बी संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता का हित पूर्व सेवा अवधि की गणना करने से ही है। लिहाजा संविलियन के पूर्व सेवा की गणना करने से एक ही पद में 10 वर्ष पूर्ण करने वाले सहायक शिक्षकों को क्रमोन्न् त वेतनमान मिलेगा।

प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के 22 हजार पदों पर पदोन्न्ति मिलेगी। क्रमोन्न्ति और पदोन्न्ति से सहायक शिक्षकों को सीधे उधा वर्ग शिक्षक का 4200 ग्रेड पे का उधातर वेतनमान मिलेगा। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन इसी आधार पर मुख्य मांगपत्र शासन को सौंपने का निर्णय लिया है।

ये है शासन का नियम

छत्तीसगढ़ शासन वित्त एवं योजना विभाग मंत्रालय रायपुर ने 10 अगस्त 2009 के अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि राज्य शासन के एक विभाग से दूसरे विभाग में समान वेतनमान के सीधी भर्ती के पद पर संविलियन होने पर पूर्व पद की सेवा अवधि उक्त संविलियन के पद पर समयमान,क्रमोन्न्त वेतनमान की गणना हेतु शामिल करने का प्राविधान है।

कमेटी पर उठाए सवाल

संघ ने कहा है कि पूर्व प्रचलित नियम के लिए किसी भी प्रकार की कमेटी की जरूरत नही है। शिक्षा विभाग में 10 वर्ष की सेवा में क्रमोन्न्ति व पांच वर्ष की सेवा में पदोन्न्ति देने का नियम है। समयमान प्राप्त करने वाले शिक्षकों को उनके समयमान वेतन के आधार पर वेतन निर्धारित किया जाता है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2013 में प्रदान किए गए शिक्षक समतुल्य वेतनमान की गणना छठवें वेतन के न्यूनतम स्तर पर किया गया है।

ये हैं प्रमुख मांगें

पुरानी पेंशन के लिए दायर की गई याचिका का जवाब राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में शीघ्र पेश की जाए।

नव नियुक्त ई टी संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता को परिवीक्षा अवधि में भी पूर्ण वेतन का भुगतान की जाए।

दो वर्ष से अधिक सेवा के लिए वेटेज का प्रावधान किया जाए।

दिवंगत पंचायत व ननि शिक्षक संवर्ग के आश्रित को तकनीकी संविलियन मानते हुए प्राविधान बनाकर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।

एल बी संवर्ग को ग्रेज्युटी व अर्जित अवकाश के नकदीकरण का लाभ दिया जाए।

Posted By: anil.kurrey

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