बिलासपुर । बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विभागीय छोटी सजा का प्रभाव एक वर्ष बाद समाप्त हो जाता है। सचिव गृह विभाग को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता को डीएसपी के पद पर पदोन्न्ति देने के निर्देश दिए हैं । कोरबा निरवासी मैक्सी मिलियन मिंज ने वकील अभिषेक पांडेय के जरिए बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि वह जिला जांजगीर चांपा में निरीक्षक के पद पर पदस्थ है। वर्ष 2018 में सचिव गृह विभाग ने एक आदेश जारी कर उनका पदोन्न्ति निरीक्षक से डीएसपी के पद पर किया था। आदेश के बाद उसे डीएसपी के पद पर पदोन्न्ति नहीं दी गई। इस संबंध में जब विभाग से जानकारी मांगी गई तब उच्चाधिकारियों ने विभागीय लघुदंड का हवाला देते हुए ज्वाइनिंग ना करने की बात कही।

मामले की सुनवाई जस्टिस पी सैम कोशी के सिंगल बेंच में हुई। प्रकरण की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील अभिषेक पांडेय ने कहा कि याचिकाकर्ता को वर्ष 2018 में पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) बिलासपुर द्वारा असंचयी रूप से एक वेतनवृद्धि रोकने के लघु दंड से दंडित किया गया था। इस दंड का प्रभाव मई 2019 में समाप्त हो गया है । लिहाजा याचिकाकर्ता एक जून 2019 से डीएसपी का पदभार संभालने का पात्र है। लघुदंड का प्रभाव समाप्त होने के बाद भी आजतलक याचिकाकर्ता को ज्वाइनिंग नहीं कराई जा रही है । मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिा कोशी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को मिले लघुदंड का प्रभाव मई 2019 में समाप्त हो गया है।

अब यह प्रभावहीन हो गया है। जस्टिस कोशी ने याचिकाकर्ता को विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देने और याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करने का आदेश सचिव गृह विभाग को दिया है। इसके साथ ही जस्टिस कोशी ने याचिका को निराकृत कर दिया है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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