बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

लटिया रेलवे स्टेशन के पास साइडिंग लाइन में मंगलवार दोपहर दो बजे खाली मालगाड़ी बेपटरी हो गई। पटरी से उतरने के बाद एक वैगन के दो पहिए करीब 300 मीटर तक स्लीपर पर दौड़ते रहे। धूल उड़ता देख गार्ड को अहसास हुआ और उसने तत्काल वाक्यूम ड्रॉप कर दिया। इसके बाद मालगाड़ी खड़ी हो गई। करीब ढाई घंटे बाद उतरे वैगन को वापस पटरी पर चढ़ाया गया।

मालगाड़ी खाली थी और केएसके पावर प्लांट से बिलासपुर की तरफ आ रही थी। अकलतरा रेलवे स्टेशन पार करने के बाद मालगाड़ी की पटरी बदल गई और उसे साइडिंग लाइन पर लाया गया। इसमें भी मालगाड़ी रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। दोपहर 2.05 बजे अचानक बीच के वैगन के दो पहिए पटरी से उतर गए और स्लीपर पर चलने लगे। इसकी जानकारी चालक को तो नहीं लगी। लेकिन गार्ड को इसकी जानकारी मिल गई। धूल उड़ने के साथ गिट्टी इधर- उधर झिटक रहे थे। इसके बाद उसने मालगाड़ी को रोक दिया। वाकीटॉकी से कंट्रोल को जानकारी दी गई। इसके बाद स्टेशन मास्टर से लेकर इंजीनियरिंग विभाग का मैदानी अमला घटनास्थल पहुंचा। पहिए के दबाव में 300 मीटर के दायरे में जितने भी स्लीपर आए वे क्षतिग्रस्त हो गए। बिना एआरटी के मालगाड़ी को चढ़ाना मुश्किल था। इसलिए कंट्रोल को जानकारी देकर एआरटी भेजने के लिए कहा गया। एआरटी दो घंटे बाद शाम चार बजे लटिया पहुंची। इसके बाद मालगाड़ी के उतरे पहिए को वापस पटरी पर लाने के लिए जद्दोजहद शुरू हुई। बामुश्किल आधे घंटे के भीतर उन्होंने पहिए को चढ़ा लिया। इसके बाद सिग्नल देकर मालगाड़ी को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

केवल मालगाड़ी हुई प्रभावित

घटना साइडिंग लाइन की थी। इसलिए इससे कोचिंग ट्रेनों के परिचालन पर तो प्रभाव नहीं पड़ा। लेकिन मालगाड़ी प्रभावित रही। करीब दो घंटे तक यह लाइन बंद थी। इसलिए इस लाइन से गुजरने वाली मालगाड़ियों को पीछे नियंत्रित कर रखा गया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस