बिलासपुर। Bilaspur News: जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रदेशाध्यक्ष अमित जोगी ने हरुना धान की फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार स्र्पये मुआवजा देने की मांग की है। अमित ने पत्र में लिखा है कि बस्तर, धमतरी और राजनादगांव समेत सिंचाई से वंचित छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों द्वारा हरुना धान बोया जाता है। जुलाई (बोआई की अवधि) में अल्प-वर्षा और सितंबर के अंत (फसल पकने की अवधि) में भारी वर्षा के कारण लगभग 70-77 प्रतिशत हरुना धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। अधिकांश किसानों का सरकार द्वारा फसल बीमा नहीं किया गया है।

जकांछ के प्रदेशाध्यक्ष जोगी ने अपने पत्र में लिखा है कि हरुना धान की फसल लेने वाले किसानों को का इस वर्ष भारी नुकसान हुआ है। अगर उनकी सरकार के पास प्रदेश के हरुना धान के किसानों की क्षतिपूर्ति के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध नहीं है,तो वे केंद्र सरकार अथवा किसी भी बैंक से भी उपरोक्त तथ्यों के आधार पर अनुदान अथवा कर्ज मांग सकते हैं। अमित ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि इसमें प्रदेश के सभी राजनीतिक दल, कृषक और सामाजिक संगठन सरकार का समर्थन करेंगे।

गांवों में चल रहा गिरदावरी का कार्य

राज्य शासन के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में गिरदावरी का कार्य चल रहा है। पटवारी व ग्रामीण कृष्ाि विस्तार अधिकारी द्वारा किसानों के खेत में जाकर में धान के फसलों को मुआयना कर रहे हैं और मोबाइल के जरिए फोटो खींचकर राज्य शासन के पोर्टल में अपलोड कर रहे हैं। गिरदावरी के दौरान यह बात सामने आ रही है कि जल्दी पकने वाले धान की फसल लेने वाले ऐसे किसान जिनके पास सिंचाई की सुविधा नहीं है उनकी फसल चौपट हो गई है।

Posted By: sandeep.yadav

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