बिलासपुर। Bilaspur News: वर्ष 1920 में अंग्रेजों के शासनकाल में खूंटाघाट जलाशय (खारंग बांध) का निर्माण किया गया था। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान इंजीनियरों ने जिस वक्त बांध निर्माण के लिए वार्षिक वर्षा के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए जल भराव क्षेत्र को लेकर ड्राइंग डिजाइन तय किया था। जलाशय के निर्माण के समय औसत वार्षिक वर्षा 1368 मिमी थी।

वर्तमान में औसत वार्षिक वर्षा घटकर 1104 मिमी हो गई है। बांध के जलग्रहण क्षेत्र में वार्षिक वर्षा में आई गिरावट के कारण बांध के भराव में लगातार कमी आ रही है। इसके बाद भी यह बांध किसानों को लगातार समृद्ध बना रहा है।

बांध का अधिकतम जल भराव

वर्ष जल भराव मात्रा (मिली घनमीटर) प्रतिशत

2000 192.32 100

2001 192.32 100

2002 122.74 63.82

2003 192.32 100

2004 192.32 100

2005 192.32 100

2006 166.72 86.68

2007 180.91 94.06

2008 138.43 71.97

2009 62.33 32.40

2010 169.95 88.36

2011 192.32 100

2012 192.32 100

2013 192.32 100

2014 192.32 100

2014 192.32 100

2015 126.33 65.68

2016 104.84 54.51

2017 102.04 53.50

2018 62.35 32.41

2019 170.96 89.37

2020 192.32 100

खरीफ सिंचाई के बाद बांध में शेष बचे पानी की मात्रा

वर्ष मात्रा (मिली घनमीटर में) प्रतिशत खरीफ सिंचाई (कुल हेक्टेयर में )

2000 10.88 5.65 45235

2001 121.43 63.33 9863

2002 5.04 2.62 37829

2003 184.31 95.83 37422

2004 55.24 28.72 39747

2005 98.44 51.18 43610

2006 57.60 29.95 44646

2007 79.27 41.21 44210

2008 20.22 10.51 44500

2009 20.56 10.69 44745

2010 62.33 32.40 18563

2011 82.75 43.02 45902

2012 93.06 48.38 46019

2013 145.19 75.49 47281

2014 47.69 24.79 47885

2015 26.59 13.82 52433

2016 55.87 29.00 40485

2017 78.25 40.23 43208

2018 22.56 11.70 44985

2019 85.75 45.03 46102

2020 192.32 74.50 47386

समय के साथ बढ़ा बांध का क्षेत्र

वर्ष 1920 में जब बांध का निर्माण किया गया तब पूरा क्षेत्र 2491 हेक्टेयर था। बाद में पोंड़ी शाखा नहर एंव मल्हार वितरक नहर निर्माण के बाद बांध की सीमा में बढ़ोतरी करते हुए इसे 40455 हेक्टेयर कर दिया गया है।

Posted By: anil.kurrey

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