बिलासपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में पदस्थ सफाई कर्मचारियों ने लिखित में आश्वासन मिलने पर ही काम पर लौटने की बात कही है। अन्यथा अनिश्चित कालीन आंदोलन जारी करने की चेतावनी दी है। सफाईकर्मियों का लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। इससे स्कूलों में सफाई नहीं हो रही है। इसके बावजूद शासन की ओर से काई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कर्मचारी कलेक्टर दर से वेतन देने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 12 वर्षों से 43 हजार 301 सफाईकर्मी काम कर रहे हैं, जो संगठन द्वारा लंबे समय से पूर्ण कालीन कलेक्टर दर की मांग करते आ रहे हैं। जिनको लेकर पांच अक्टूबर 2021 को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की तीसरी और अंतिम बैठक तीन अगस्त को मंत्रालय में आयोजित की गई।

इस बैठक में कर्मचारियों को पूर्ण कालीन कलेक्टर दर की मांग पूरी होने की आस लगाए बैठे थे, परंतु कर्मचारियों को सिर्फ मौखिक रूप से आश्वासन दिया गया। इस पर कर्मचारी संगठन का कहना है कि पूर्व में संघ की मांगों को लेकर अनेक बार हड़ताल का चुके हैं। लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलते आ रहा है। आज पर्यंत तक सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। इस बार कर्मचारियों ने ठान लिया है कि जब तक राज्य सरकार की ओर से लिखित में आश्वासन नहीं मिलेगा।

तब तक स्कूल सफाई कर्मचारियों का हड़ताल निरंतर जारी रहेगा। संघ के पदाधिकारी प्रांत अध्यक्ष संतोष खाडेकर,उपाध्यक्ष छाया साहू,कोषाअध्यक्ष भुनेश्वर लहरे, मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा, बस्तर संभाग अध्यक्ष अनुसूया सोनवानी, सरगुजा संभाग अध्यक्ष दुलारचंद कश्यप,दुर्ग संभाग सुख चरण साहू, ललित, कौशिक,शत्रुघ्न देवांगन,अशोक मांडले, महेंद्र चंद्राकर, बिलासपुर संभाग परदेस प्लंगेे,संतोष ,राजेश, भुनेश्वर आदि पदाधिकारी कर्मचारियों ने कहा है कि15 अगस्त तक लिखित में सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर संगठन एक बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।

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