बिलासपुर। SECR News: बिलासपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन के यात्रियों को खानपान सुविधा भी दिक्कत आ सकती है। दरअसल इस ट्रेन में पेंट्रीकार संचालन से लाइसेंसी हाथ खींच लिया। उसने लिखित में संचालन नहीं करने की जानकारी दी। हालांकि अभी स्वीकृति नहीं मिली है। इसकी वजह यह है कि ठेका लेने के बाद उसने दो फेरे ही संचालन किया है, जबकि नियमानुसार एक महीने तक सुविधा देनी है। इसके बाद वह सुविधा बंद कर सकता है।


इस स्पेशल ट्रेन की पेंट्रीकार का ठेका न्यू क्लासिक को दिया गया है। जिम्मेदारी मिलने के बाद लाइसेंसी ने दो फेरे यात्रियों को सुविधा भी मुहैया कराई। इससे लाभ नहीं हो रहा है। दरअसल रेलवे बोर्ड के निर्देश पर कोरोना को देखते हुए पेंट्रीकार में खाना पकाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। अभी जितनी भी ट्रेनों में पेंट्रीकार का ठेका है, वे केवल पैकेट बंद सामान के लिए हैं। जबकि लाइसेंसी का कहना है फायदा खाना व नाश्ता बेचने में है। पैकेट बंद सामान बेचकर उतनी आवक नहीं हो रही है। बल्कि नुकसान हो रहा है।

हालांकि अब कोरोना संक्रमण कम हो गया है। रेलवे में तो ट्रेनों से लेकर अन्य कामकाज सामान्य हो चुके हैं। प्लेटफार्म में खाना व नाश्ता दोनों मिल रहा है। जब प्लेटफार्म पर अनुमति है तो पेंट्रीकार में सुविधा देने से मनाही का औचित्य समझ से परे है। संक्रमण का खतरा तो इससे भी है। यही वजह है कि लाइसेंसी पेंट्रीकार संचालन का ठेका तो ले लेते हैं पर बाद में हाथ खींच लेते हैं। पहले भी ऐसा हो चुका है। बार-बार बीच में संचालन से हाथ खींच लेने से आइआरसीटीसी की चिंता बढ़ गई है। एक महीने की अवधि पूरी होने के बाद इस ट्रेन में पेंट्रीकार की सुविधा बंद हो जाएगी। आइआरसीटीसी को दोबारा टेंडर जारी करना पड़ेगा।

Posted By: sandeep.yadav

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