बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। दुर्ग- कानपुर बेतवा एक्सप्रेस रविवार की रात में रद थी। इसकी सूचना रेलवे ने दी तो थी। पर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले यात्रियों तक जानकारी नहीं पहुंची। 80से अधिक यात्री सफर करने के लिए उसलापुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां आकर उन्हें ट्रेन रद की होने की जानकारी मिली। इसके बाद सभी परेशान होकर इधर- उधर भटकने लगे। बाद में इंक्वायरी व कुछ टीटीई द्वारा उन्हें बताया गया कि ट्रेन रेलवे ने रद की है, इसलिए पूरा रिफंड हो जाएगा। लिहाजा उन्हें काउंटर पर जाकर रिफंड लेने का सुझाव दिया गया।

निगोरा- जैतहरी- छुलहा सेक्शन में तीसरी लाइन जोड़ने का काम किया जा रहा है। रविवार को इसका पहला दिन था। पहले ही दिन से कुछ ट्रेनें रद कर दी गई। जिनमें 18203 दुर्ग- कानपुर बेतवा एक्सप्रेस भी शामिल है। पांच से छह दिन पहले रेलवे ने इसकी सूचना जारी की थी। लेकिन अधिकांश यात्रियों के मोबाइल पर मैसेज नहीं पहुंच सका। यही वजह है कि जानकारी के अभाव यात्री सफर करने के लिए उसलापुर रेलवे स्टेशन पहुंचे।

यह ट्रेन दुर्ग से रवाना होने के बाद रात 10:50 बजे उसलापुर स्टेशन पहुंचती है। इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की भीड़ रात आठ बजे से ही स्टेशन में नजर आने लगी थी। इनमें ज्यादातर यात्री ग्रामीण क्षेत्र और श्रमिक वर्ग के थे। इसी वजह से उनमें जानकारी का अभाव था। स्टेशन में काफी देर बैठने के बाद उन्हें पता चला कि ट्रेन नहीं आएगी। तब वह परेशान हो गए।

इसके बाद कोई इंक्वायरी जाकर पूछताछ करने लगा तो कई स्टेशन मास्टर से जानकारी लेते रहे। उन्हें बताया गया कि यह ट्रेन रद है। हालांकि उन्होंने रेलवे कर्मचारियों को बताया कि उन्हें जरा भी जानकारी नहीं थी। वरना इतनी दूर से नहीं आते। उन्होंने सलाह भी ली की अब क्या करें। तब उन्हें बताया गया कि यात्रा तो नहीं कर पाएंगे पर रिफंड हो जाएगी। इसके बाद यात्रियों की भीड़ आरक्षण केंद्र में नजर आने लगी।

रेलवे ने 70 से अधिक यात्रियों को पूरा रिफंड दिया। वहीं कई यात्री ऐसे थे, जिनका ई- टिकट था। ऐसे यात्रियों को बताया गया कि उनका टिकट रद हो गया होगा। यदि रिफंड खाते में नहीं आएगा तब संबंधित जिससे टिकट बनवाए हैं, उनसे रिफंड के लिए संपर्क करना पड़ेगा।

Posted By: anil.kurrey

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