बिलासपुर। जोनल स्टेशन में द्वार क्रमांक एक भव्य बनाया गया है। पर शेड को अत्यधिक ऊंचा कर दिया गया है। जिसके चलते तेज वर्षा होने पर पानी अंदर आने लगता है। इससे यात्री भीगने लगते हैं। इसके अलावा प्लेटफार्म गिला होने के कारण फिसलकर गिरने का भी खतरा रहता है। हालांकि काम पूरा होने के बाद हैंडओवर नहीं हुआ है। इसे लेकर अधिकारियों ने भी ठेकेदार को कहा है। ताकि इतना अच्छी सुविधा बेवजह परेशानी का कारण न बन जाए।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन का यह द्वार बेहद महत्वपूर्ण और यात्रियों के लिए सुविधाजनक है। दरअसल यह द्वार क्रमांक एक है पर अधिकांश इसे कटनी गेट के नाम से जानते हैं। पहले यह छोटा था। बाद में इसकी चौड़ाई बढ़ाई गई। यह काम पूरा हुए कुछ ही दिन गुजरे थे कि अचानक एक नई योजना बनी। जिसमें फुट ओवरब्रिज की लंबाई बढ़ाने और लिफ्ट की सुविधा के साथ एफओबी पर चढ़ने के लिए एक और सीढ़ी बनाई गई। इन सभी कार्यों को करने के लिए शेड को ऊंचा करना पड़ा। काम होते - होते शेड इतना ऊंचा हो गया की अब इसकी वजह से यात्रियों की मुसीबत बढ़ गई है।

वर्षा होते ही सीधे प्लेटफार्म के अंदर पानी आता है। उस स्थिति में यात्रियों को इधर- उधर भागना पड़ता है। जबकि अच्छ बड़ी जगह होने के कारण यात्री अक्सर ट्रेन का इंतजार यहीं बैठकर करते हैं। कई यात्री सोते भी नजर आते हैं। लेकिन वर्षा की वजह से देखते ही देखते पूरा प्लेटफार्म गिला हो जाता है। इसे लेकर स्टेशन से अधिकारियों को सूचित किया गया और अधिकारियों ने ठेकेदार को इस समस्या को दूर करने के कहा है। किनारे- किनारे कवर्ड करने से ही पानी रूकेगा। हालांकि यह काम होगा या नहीं, इसकी गारंटी नहीं है। बिना कवर्ड के यात्रियों को इसी तरह हर बरसात के सीजन में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

Posted By: Abrak Akrosh

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