बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कानन पेंडारी चिड़ियाघर के साथ रेस्क्यू सेंटर और अब धीरे- धीरे प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र बनते जा रहा है। यहां नए वनकर्मियों को जू प्रबंधन के साथ- साथ वन्य प्राणियों के रखरखाव की जानकारी भी दी जाती है। इसी के तहत मुंगेली वनमंडल के वनकर्मियों को यहां सांप पकड़ने की दीक्षा देने के लिए भेजा गया था। यह प्रशिक्षण जूकीपर कमलेश सोनी के द्वारा दिया गया।

वर्षा के सीजन में सांप के अलावा जहरीले जीव- जंतु निकलते हैं। वन विभाग तो यह संदेश देता है कि किसी भी सूरत में जीव- जंतुओं को न मारे। यदि छेड़छाड नहीं किए तो वह सुरक्षित अपने रहवास पर चले जाते हैं। हालांकि इसके बाद भी लोग घबरा जाते हैं। खासकर सांप निकलने की घटना के बाद धड़कन तेज होती है। मुंगेली वन मंडल की ओर से इसी तरह का प्रयास किया और वहां के वनकर्मियों को कानन पेंडारी जू में प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा गया।

यहां स्नेक पार्क है और इनकी देखभाल करने का एक्सपर्ट जूकीपर कमलेश सोनी भी है। उज्जैन वह अन्य जगहों पर कमलेश ने खास तौर इसकी दीक्षा ली है। कितना भी जहरीला सांप हो वह बड़ी आसानी से सुरक्षित पकड़ लेता है। वनकर्मियों को जूकीपर ने सबसे पहले यह बताया कि कौन सा सांप जहरीला होता है और किसमें जहर नहीं होता। अक्सर यह होता है कि सांप निकलने के बाद अधिकांश लोग रेस्क्यू टीम को बुलाने या वन विभाग को सूचना दिए बगैर सांपों को मार देते हैं।

ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। जूकीपर ने यह संदेश सभी लोगों को देने के लिए कहा। जूकीपर ने बारी- बारी वनकर्मियों को वह विधि बताई, जिससे सांपों को सुरक्षित पकड़ा जाता सकता है। तरीका बताने के बाद वनकर्मियों से सांप को पकड़ने के लिए कहा। बताई गई विधि से वनकर्मी बिना डर के आसानी से सांप को पकड़ ले रहे थे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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