बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर के लिए सीवरेज परियोजना सबसे बड़ी मुसीबत बन गई है। विधानसभा में मामला उठने के बाद अब इसे लेकर सवालिया निशान लग गया है। वहीं निगम की अन्य योजनाओं पर नजर डालें तो पता चला कि केवल सीवरेज ही नहीं कई दूसरी विकास योजनाएं भी शहर की सड़कों के दुश्मन हैं। ऊपर से काम में लेटलतीफी ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी है।

सीवरेज को लेकर एक बार फिर विवाद बढ़ गया है। कारण यह है कि निगम के अधिकारी और सरकार भी इस प्रोजेक्ट के बारे में सही-सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या शहर के लिए केवल सीवरेज ही एक मुसीबत है। असल में यहां सीवरेज की तरह अमृत मिशन योजना भी बड़ी समस्या बन गई है। ठेकेदार द्वारा पाइप लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई की जाती है, लेकिन उसे फिर पहले जैसा करने का काम नहीं हो रहा है। जहां भी पाइप लाइन डालने के लिए खोदाई हुई है वहां सड़क के एक छोटे से हिस्से को पाटकर उसमें पतली कांक्रीट कर दी गई है। खोदाई वाली जगह की मरम्मत ठीक से नहीं होने के कारण मुसीबत बढ़ गई है। अधिकारी सीवरेज जैसी लापरवाही इस काम में भी बरत रहे हैं। अमृत मिशन योजना के तहत जहां-जहां भी सड़कों को काटा गया है वहां सड़क खराब हो गई है। उल्लेखनीय है कि पूरे शहर में पाइप लाइन डालने का काम होना है। मतलब उनकी खोदाई शहर की हर सड़क पर चलेगी। सड़क को पहले जैसा नहीं बनाने के कारण धूल और गड्ढों से सड़क की स्थिति खराब हो गई है। पूरी पाइप लाइन डालने में दो साल का समय लगने की बात कही जा रही है। इस तरह सालों तक लोगों को खोदाई से राहत नहीं मिलने वाली है।

बिजली के तार होंगे अंडरग्राउंड

विद्युत कंपनी को शहर के अंदर बिजली के सारे तारों को अंडरग्राउंड करने कहा गया है। उनके द्वारा 375 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है। अगर इस काम की मंजूरी मिल गई तो पाइप लाइन का काम खत्म होते ही बिजली विभाग के अधिकारी सड़क की खोदाई में जुट जाएंगे।

स्मार्ट रोड की धीमी रफ्तार

शहर को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत कई तरह के विकास कार्य शहर में होने हैं। वर्तमान में चार काम स्वीकृत हुए हैं। इसमें से तीन काम अपने तय समय से पीछे चल रहा है। व्यापार विहार को स्मार्ट रोड बनाने के कारण यहां पूरी सड़क को खोद दिया गया है। इसके कारण लोगों के लिए विकास यहां मुसीबत बन गया है। पूर्व में बनी सड़क यहां ठीक थी। नई बनाने के फेर में सड़क खराब हो गई है। इसी तरह मिट्टी तेल लाइन का काम भी पूरा नहीं हुआ और तारामंडल की डिजाइन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

तिफरा फ्लाईओवर कर रहा सड़क जाम

रायपुर रोड पर महाराणा प्रताप चौक में निर्माणाधीन तिफरा फ्लाईओवर के काम में एक साल का विलंब हो चुका है। यहां अब भी हाईटेंशन तार को शिफ्ट करने का विवाद बना हुआ है। इसके कारण काम की रफ्तार बेहद धीमी है। अधूरे निर्माण कार्य के कारण शहर का पहला फ्लाईओवर सुविधा कम मुसीबत अधिक बन गया है।

विकास करना है तो खोदाई करनी पड़ेगी। शुद्व पेयजल चाहिए तो सड़क खोदना पड़ेगा। बिजली लाइन अंडरग्राउंड हुआ तो उसका काम करना होगा। परेशानी है तो भविष्य में राहत भी मिलेगी।

पीके पंचायती

कार्यपालन अभियंता

प्रोजेक्ट इंजीनियर

Posted By: Nai Dunia News Network

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