बिलासपुर। कोटा- बेलगहना मार्ग के आसपास तेंदुआ है। इसकी पुष्टि हो चुकी है। जांच के दौरान वन अमले को पंजे के निशान के अलावा तेंदुआ का मल भी मिला है। इसके साथ ही क्षेत्र में मुनादी तेज कर दी गई है। शाम ढलने के बाद ग्रामीणों को बाहर निकलने से मना किया जा रहा है। इसके अलावा आसपास मवेाशियों की चराई पर पाबंदी लगा दी गई है। क्योंकि तेंदुआ मवेशियों के साथ ग्रामीण पर भी हमला कर सकता है।

बीते चार- पांच दिनों से कोच वन परिक्षेत्र में दहशत है। कुछ ग्रामीण व राहगीरों ने तेंदुआ नजर आने की सूचना दी थी। विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। इस दौरान जांच भी कराई जा रही है। इस दौरान ही उन्हें पंजों के निशान व मल नजर आया है। इसके बाद से लगातार आसपास जितने भी गांव है वहां वन अमला पहुंचकर जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दे रहा है।

साथ ही पंचायत की मदद से मुनादी भी कराई जा रही है। वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत ने भी क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें सतर्कता बरतने के लिए कहा। उन्हें समझाया गया कि बच्चों को अकेले घर से बाहर न निकलने दें। इसके अलावा चराई के लिए मवेशियों को लेकर जंगल के अंदर न जाएं।

मवेशियों का शिकार करने तेंदुआ कभी भी हमला कर सकता है। इस तरह की घटना में ग्रामीणों को भी नुकसान हो सकता है। मालूम हो कि यह क्षेत्र अचानकमार टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि तेंदुआ टाइगर रिजर्व का ही है। लेकिन जंगल से बाहर निकलकर मार्ग के आसपास मंडराना खतरा है। हालांकि अभी तक किसी तरह की जानहानि नहीं हुई है। लेकिन इससे इंकार भी नहीं किया जा सकता। वन मंडल के साथ- साथ अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।

अब कैमरे लगाकर करेंगे निगरानी

बिलासपुर वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत ने बताया कि सुरक्षा व जागरूकता के सारे उपाय अपनाए जा रहे हैं। इसके तहत ही तीन अलग- अलग जगहों पर कैमरे भी लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कोटा वन परिक्षेत्र अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उनसे प्रतिदिन की रिपोर्ट भी मांगी गई है।

Posted By: sandeep.yadav

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