बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम निरतू, जुनवानी, जोंधरा समेत अलग-अलग गांवों के क्लीनिक में न डाक्टर रहते हैं और न ही नर्स समय पर पहुंचती हैं। इसके अलावा यहां स्टाफ की भारी कमी है। जोंधरा गांव के क्लीनिक में डाक्टर ही नहीं है। जुनवानी क्लीनिक में आठ माह से नर्स गायब है। इससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। जिले के हाट बाजार के आसपास संचालित क्लीनिकों में डाक्टरों की भारी कमी है। इससे मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। मस्तूरी क्षेत्र के जोंधरा में क्लीनिक की सुविधा उपलब्ध है। लेनिक यहां डाक्टर नहीं होने के ग्रामीणों का इसका लाभ नहीं मिल रहा है। समय पर नर्स भी नहीं आ रही हैं। इसके अलावा बिल्हा क्षेत्र में भी सरकारी क्लीनिक संचालित करने की मांग की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने 30 गांवों की सूची बनाई है। जहां क्लीनिक खोलने की तैयारी चल रही है। ब्ल्हिा के भटगांव, हरदी, मदनपुर, बसिया समेत अन्य गांवों में स्वास्थ्य सुविधा बहाल करने के लिए क्लीनिक खोला जाएगा। इससे आसपास के ग्रामीणों को स्थानीय स्तर इलाज उपलब्ध हो सके। अभी गांवों के मरीजों को सिम्स व जिला अस्पताल जाना पड़ता है। इससे उन्हें कई प्रकार के परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आने जाने में पैसे भी खर्च होते हैं। गरीब परिवार के सदस्य बिलासपुर भी नहीं पहुंच पाते हैं। तबियत बिगड़ने से मरीजों को जान गवांना पड़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर क्लीनिक शुरू होने पर बहुत राहत मिलेगी। शासन को इस दिशा में तेजी से काम करना चाहिए। अलग-अलग ब्लाक में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ठीक से दवाई तक नहीं मिलती है। क्लीनिक शुरू होने पर डाक्टर गांव में ही उपलब्ध हो जाएंगे। बिलासपुर व जनपद तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे आने जाने का पैसा बचेगा। समय से पहले प्राथमिक इलाज मिलेगा। गंभीर परेशानी होने पर ही बड़े अस्पताल जाना होगा। अन्यथा गांव में ही मरीजों का इलाज होगा।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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