बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाम लिए बगैर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंनेे कहा कि अध्यात्म के क्षेत्र में हिंदुस्तान का विश्व में कोई मुकाबला नहीं है। ऋषि मुनियों ने तप कर जो ज्ञान अर्जित कर समाज को जो दिया वह अतुलनीय है। ऋषियों के उस ज्ञान में त्याग, तपस्या, प्रेम, कस्र्णा और दया है। नफरत और हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। हिंदुस्तान के ज्ञान का इतिहास पुराना है। विश्व गुस्र् की भूमिका में रहा है। इसके बाद भी कुछ लोग विश्व गुस्र् बनने का शौक पाले हुए हैं। यह गलत है।

बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कुछ घंटे के लिए बिलासपुर प्रवास पर पहुंचे। उनके आने से पहले ही महाराणा प्रताप चौक स्थित अनुरागी धाम के आसपास तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर ली गई थी। सीएम दोपहर बाद सड़क मार्ग से सीधे अनुरागी धाम पहुंचे। पूजा अर्चना की। पूजा अर्चना के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए सबसे पहले प्रदेशवासियों को गुस्र् पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। गुस्र् पूर्णिमा के अवसर पर अध्यात्म और संस्कृति के सवाल पर कहा कि हिंदुस्तान में ज्ञान है, प्रेम है और सबसे प्रमुख बात भाईचारा है। देशवासी सहिष्णु हैं। इन सबके बीच नफरत और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। हिंदुस्तान की जमीन से कई धर्म निकले जो आज पूरी दुनिया में ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं और आपस में समन्वय बनाकर जीवन जीने का उपदेश दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री निवास से मिले संदेश के बाद बढ़ी हलचल

दोपहर के वक्त मुख्यमंत्री निवास से कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के पास सीएम के अल्प प्रवास पर बिलासपुर पहुंचने की सूचना आई। सीएम हाउस से मिले संदेश के बाद आला अफसर सक्रिय हुए। कुछ ही मिनटों में अनुरागी धाम के आसपास पुलिस की हलचल बढ़ी और जवानों की तैनाती कर दी गई। सीएम के आने के पहले ही आला अफसर अनुरागी धाम पहुंच गए थे। आला अफसरों के साथ ही पुलिस के अधिकारियों व सुरक्षा व्यवस्था में शामिल अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली थी।

पूजा अर्चना के बाद रायपुर के लिए हुए रवाना

अनुरागी धाम में सीएम ने पूजा अर्चना की। उसके बाद पत्रकारों से चर्चा के बाद कलेक्टर व एसपी सहित आला अधिकारियों से औपचारिक चर्चा की। उसके बाद रायपुर के लिए रवाना हो गए। स्थानीय कांग्रेसी दिग्गजों से उन्होंने मुलाकात नहीं की। समर्थकों को सूचना भी नहीं दी गई थी। पूजा अर्चना में जब सीएम आते हैं तो समर्थकों से भी मुलाकात नहीं करते। इस बार भी वे गुस्र् पूर्णिमा के अवसर पर पूजा अर्चना के लिए आए थे।

Posted By: Abrak Akrosh

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