बिलासपुर (जांजगीर-चांपा।)। Bilaspur News: आरटीई के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने की प्रक्रिया मजाक बन कर रह गई है। सूची जारी होने के दो माह बाद भी अभी तक चयनित छात्रों को प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल सका है। जबकि निजी स्कूलों में आनलाइन पढाई के जरिए किसी तरह बच्चों को आधा से ज्यादा कोर्स पूरा करा लिया गया है।

वहीं अब अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी चल रही है। इधी आरटीई कोटे में प्रवेश होने वाले आधे से ज्यादा बच्चों को अब तक दाखिला तो दूर स्कूल तक आवंटित नहीं हुआ है। क्योंकि दूसरे चरण की लाटरी अब तक नहीं निकाली जा सकी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश इस बार बीरबल की खिचड़ी साबित हो रहा है। प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश के लिए दो माह पहले लाटरी निकाली गई थी।

प्रथम चरण की सूची जारी होने के बाद भी अभी तक छात्रों को स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल सका है। वही शेष छात्रों की दूसरी लाटरी निकालने के लिए रोज तारीख टल रही है। जिससे अभिभावक परेशान हो चुके हैं। कई अभिभावक तो इंतजार करते-करते थक-हारकर निजी स्कूलों में बच्चों का प्रवेश करा चुके हैं। दरअसल इस साल कोरोना महामारी ने आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया को पूरी तरह से उथल-पुथल कर दिया है।

नियम के तहत अब तक तो आधा शिक्षा सत्र बीत चुका होता लेकिन स्थिति यह है कि आरटीई कोटे के तहत जिले में पहली लाटरी में चिन्हांकित बच्चों को ही स्कूलों में दाखिला नहीं मिल पाया है। दूसरी लाटरी निकालने और शत-प्रतिशत बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिला पाने की बात तो दूर की कौड़ी है। अभिभावक इंतजार करते-करते थक गए हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि जिन स्कूलों में आरटीई के चयनित बच्चों को प्रवेश दिया जाना है उन निजी स्कूलों में बच्चों को आनलाइन कोर्स के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है और अब अधर््ावार्षिक परीक्षा की तैयारी चल रही है। वहीं आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने की राह देख रहे बच्चों को अब तक स्कल तक नसीब नहीं हो पाई है। जाहिर है ये बच्चों पढ़ाई में पिछड़ जाएंगे। उल्लेखनीय है कि जांजगीर-चांपा और शैक्षणिक जिला सक्ती में इस साल 11 हजार बच्चों को आरटीई के तहत दाखिला दिलाने का लक्ष्य है।

पहली लाटरी के 395 बच्चों का दाखिला बाकी

शैक्षणिक जिला जांजगीर की बात करें तो यहां पहली लाटरी के ही 395 बच्चों को अब तक दाखिला नहीं मिल पाया है। शैक्षणिक जिला जांजगीर के 407 निजी स्कूलों में छह हजार छह सौ सीटों में प्रवेश दिया जाना है। इसके लिए करीब छह हजार से ज्यादा अभिभावकों ने आवेदन किया था। इसमें पहली लाटरी में 3660 बच्चों को स्कूल आवंटित किया गया था। इनमें से 395 बच्चों का अब तक दाखिला नहीं हो पाया है। जबकि दूसरे चरण की लाटरी कब निकलेगी यह जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं बता पा रहे हैं।

Posted By: anil.kurrey

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