बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन बिलासपुर में अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में 15 अगस्त को कोयला लोड पांच मालगाड़ी को जोड़कर कोरबा से राजनांदगांव के परमकला के बीच चलाया गया। इसकी लंबाई 3.5 किमी थी। यहां से मालगाड़ी को अलग कर जिन बिजली घरों के लिए कोयला आपूर्ति होनी थी, वहां के लिए रवाना कर दिया गया। इससे पहले भी 22 जनवरी 2021 में पांच खाली मालगाड़ी भिलाई से कोरबा लाई गई थी। इसे वासुकी नाम दिया गया था। मालगाड़ी कोयला लोड होकर पहली बार चली है। जोन का दावा है कि यह देश की सबसे लंबी मालभाड़ा ट्रेन है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे लगातार इस तरह के सफल प्रयोग कर रहा है। सुपर वासुकी से पहले वासुकी, एनाकोंडा, सुपर एनाकोंडा, शेषनाग नाम से लांग हाल ट्रेनों का परिचालन किया जा चुका है। एक साथ तीन या पांच मालगाड़ी को जोड़कर परिचालन से न केवल स्टाफ की बचत होती है, बल्कि रेलवे ट्रैक पर यातायात का दबाव कम होता है। आमतौर पर सुरक्षित परिचालन के लिए एक ब्लाक सेक्शन में केवल एक मालगाड़ी या ट्रेन चलाई जाती है।

दूसरे सेक्शन में तभी प्रवेश करती है, जब पहले के गुजरने के बाद ग्रीन सिग्नल मिलता है। इसके अलावा इससे ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा। साथ ही बिजली घरों तक समय पर कोयला पहुंचाया जा सकता है। वैसे भी कुछ दिनों पहले जिस तरह देश में बिजली संकट आया था। उसे देखते हुए इस तरह की ठोस व्यवस्था की जा रही है।

फैक्ट फाइल

मालगाड़ी का नाम --- सुपर वासुकी

वैगन की संख्या --- 295

लोड कोयला --- 27,000 टन

इंजन --- 06

लंबाई --- 3.5 किमी

तय की दूरी --- 260 किमी

परिचालन समय --- 11 घंटे 20 मिनट

मालभाड़ा --- 2.54 करोड़ रुपये

Posted By: Abrak Akrosh

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