बिलासपुर । कोरबा-विशाखापत्तनम लिंक एक्सप्रेस से कानन पेंडारी जू की बाघिन दुर्गा को लेकर जाने के लिए रेलवे ने अनुमति दे दी है। कानन के अधिकारियों ने रेल मंडल कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात कर अनुमति मांगी। साथ ही बाघिन को किस तरह से कोरबा से ले जाया जाएगा, इस बारे में क्या प्रक्रिया होगी, इसकी भी जानकारी ली गई।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन में स्पेशल लगेज बोगी (वीपी) लगेगी। इसमें बाघिन को ले जा सकते हैं। इसके एवज में लगभग एक लाख 20 हजार रुपए खर्च आएगा। कानन पेंडारी जू में बाघ सरप्लस हैं। अतिरिक्त संख्या कम करने के लिए दूसरे जू को कानन प्रबंधन मुफ्त में बाघ दे रहा है।

विशाखापत्तनम स्थित इंदिरा गांधी जुलाजिकल पार्क प्रबंधन इसी के तहत बाघिन को लेकर जाने वाला है। वहां की डीएफओ आर. यशोदा मंगलवार को कानन पेंडारी जू पहुंची थीं। उनकी योजना सड़क मार्ग की बजाए रेलमार्ग से बाघिन लेकर जाने की है। उन्होंने अपनी इस योजना के बारे में बताया।

इसके बाद बुधवार को कानन पेंडारी जू अधीक्षक वीके चौरसिया रेल मंडल कार्यालय पहुंचे और सीनियर डीसीएम पुलकित सिंघल से मुलाकात की। सिंघल ने बताया कि वाइल्ड एनीमल तो ट्रेन से भेजने का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए वीपी बुक कराना होगा। यह स्पेशल लगेज बोगी है। इसकी क्षमता 23 टन की होती है। इसी के अनुरूप उनका शुल्क देना होगा।

गौरतलब है कि बीते साथ बाघों की संख्या की बढ़ोतरी के मामले में छत्तीसगढ़ ने बेहतर प्रदर्शन किया है। बाघ संरक्षण को लेकर चलाई जा रही योजनाओं में छत्तीसगढ़ अव्वल है, जबकि मप्र काफी पिछड़ गया था और मप्र में बाघों की संख्या में भी बढ़ोतरी नहीं हुई थी।

Posted By: Sandeep Chourey

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