बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों और बड़े अमले के बावजूद जिला सतर्कता डोज के मामले में पिछड़ा गया है। निश्शुल्क सतर्कता डोज के 74 दिन बीत चुके हैं। अभी तक सिर्फ 34 प्रतिशत लोगों ने सतर्कता डोज लगवाई है। शनिवार से सतर्कता डोज लगवाने के लिए 390 रुपये शुल्क देना होगा। इस महाभियान में मितानिन, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम शामिल है।

कोरोना वैक्सीन काकी सतर्कता डोज लगवाने के लिए 30 सितंबर के बाद शुल्क जमा करना होगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर 15 जुलाई से निश्शुल्क सतर्कता डोज लगाई जा रही है। अब मात्र एक दिन शेष है। सतर्कता डोज लगाने के लिए जिला प्रशासन ने पंचायत और नगर निगम के माध्यम से और घर-घर जाकर सर्वे कराया। सड़कों पर मुनादी करवाकर लोगों को सेंटरों में लाने का प्रयास किया गया। वर्तमान में 14 लाख दो हजार लोगों को पहली, 13 लाख 98 हजार को दूसरी और तीन लाख 87 हजार लोगों को तीसरी यानी सतर्कता डोज लगी है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डा. मनोज सेमुअल ने बताया कि सतर्कता डोज के लिए लोगों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन भी कराया जा रहा है। लेकिन सतर्कता डोज का लक्ष्य 100 प्रतिशत पूरा नहीं हो पाया है। 30 सितंबर के बाद 18 से 59 वर्ष वालों को निश्शुल्क सतर्कता डोज नहीं लग पाएगी। अन्य वर्ग का वैक्सीनेशन पहले की तरह जारी रहेगा।

कलेक्टर कर रहे निगरानी

इस महाभियान में ज्यादा से ज्यादा लोगों को निश्शुल्क सतर्कता डोज लगाने के लिए कलेक्टर सौरभ कुमार लगातार मानिटरिंग कर रहे हैं। सीएमएचओ डा. अनिल श्रीवास्तव से प्रत्येक सप्ताह फीडबैक लिया जा रहा है। इसके साथ ही कलेक्टर ने सतर्कता डोज लगवाने के लिए आम जनता से अपील की है।

Posted By: Abrak Akrosh

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