बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कानन पेंडारी जू के नन्हे बाघ शावक पर्यटकों के आकर्षक का केंद्र बने हुए हैं। अधिकांश पर्यटक इन शावकों की केज के अंदर अठखेलियां देखने के लिए पहुंच रहे हैं। खासकर बच्चे शावकों को देख बेहद गदगद हो जा रहे हैं। अभिभावक भी बच्चों का उत्साहवर्धन करते नजर आ रहे हैं।

चारों शावक कानन पेंडारी जू में ही जन्मे हैं। इनमें से एक नर है, जिसका नाम मितान। तीन अन्य मादा हैं। इन्हें जू के कर्मचारी रश्मि, आनंदी और दिशा कहकर पुकारते हैं। सात महीने से पर्यटकों से दूर केज के अंदर थे। हालांकि ऐसा सुरक्षा के मद्देनजर किया गया था। पूर्व में कुछ इसी तरह की लापरवाही की वजह से शावकों की मौत भी हो चुकी है। इसलिए जू प्रबंधन अब किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहता। इसलिए जब बाघ, लायन या तेंदूआ के शावक होते हैं, उन्हें परिपक्व होने तक पर्यटकों से दूर रखा जाता है। परिपक्व होने के बाद भी चारों शावकों को खुले केज में छोड़ दिया गया।

इस केज में आने के बाद तो उनकी अठखेलियां देख हर कोई प्रभावित हो रहा है। जिस दिन से पर्यटकों के देखने के लिए इन शावकों को खुले केज में छोड़ा गया है, एकाएक पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। शनिवार व रविवार को अवकाश की वहज से सुबह नौ बजे से लेकर जू बंद होने तक पर्यटकों की भीड़ नजर आने लगती है।

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छोटे बच्चे तो शावकों को देखकर इतने खुश हो जाते हैं की बच्चों के साथ अभिभावक भी बच्चे बन जा रहे हैं। जू प्रवेश के बाद पर्यटकों का पहला प्रश्न यही होता है कि शावक जू के किस हिस्से में हैं। दूर से सेल्फी भी लेते हैं। जू प्रबंधन के द्वारा दो कर्मचारी रखे गए हैं, जो पर्यटकों पर नजर रखते हैं, ताकि कोई पत्थर न मार सके।

Posted By: Abrak Akrosh

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