बिलासपुर। आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन का मंगलवार से तीन दिवसीय क्रमिक अनशन शुरू हो गया है। पहले ही दिन 18 मांगों को लेकर मंडल के चालक व परिचालकों ने आवाज बुलंद की। केंद्रीय कार्यकारिणी के आव्हान पर आयोजित यह अनशन नौ दिसंबर तक इसी तरह चलेगा।

उनकी मांगों में एनडीए सीलिंग हटाने, रेलवे सहित अन्य सरकारी संस्थानों का निजीकरण बंद करने, निरस्त ट्रेनों के स्पेयर दिनों का एएलके व डीए का बकाया भुगतान शीघ्र करने, सहायक लोको चालक को भी रिस्क भत्ता सुनिश्चित करने, लोको कैब में कैमरा लगाने और न्यू पेंशन स्कीम रद कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, महिला रनिंग स्टाफ के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित करना, संरक्षा नियमों की अवहेलना कर असुरक्षित ट्रेनों का संचालन बंद करना आदि शामिल है। इस अनशन की वजह ट्रेन या मालगाड़ी के परिचालन पर किसी तरह असर नहीं पड़ेगा।

एसोसिएशन ने अनशन की सूचना के दौरान यह स्पष्ट कर दिया था। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चलने वाले इस प्रदर्शन के पहले ही दिन एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी मांगों को एक- एककर अपने उद्बोधन में रखा है। इसके अलावा रनिंग स्टाफ को इनकी आवश्यकता क्यो हैं इसे भी विस्तार से बताया।

उनका कहना था कि रनिंग ड्यूटी आठ घंटे होनी चाहिए। पर अभी इसका निर्धारण नहीं है। 10 से 12 घंटे तक काम लिया जा रहा है। जिसकी वजह से परिवार को समय भी नहीं दे पाते। रनिंग रूम सुविधाओं के मानकों के अनुरूप नहीं है। इसके कारण भी चालक हो या परिचालक उन्हें आराम नहीं मिल पाता।

Posted By: sandeep.yadav

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