बिलासपुर।ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। हालत यह है की सभी महत्वपूर्ण ट्रेनें दो से छह घंटे विलंब से पहुंच रही है। हालांकि वजह स्पष्ट नहीं है। पर वर्षा को मुख्य वजह बताई जा रही है। हालांकि इससे पहले भी परिचालन की स्थिति कुछ इसी तरह थी। इसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे ट्रेनों को समय पर चलाने में नाकाम है। लाकडाउन समाप्त होने के बाद जब से ट्रेनें पटरी पर आई, तब से यही स्थिति है। अधिकांश ट्रेनें रद है और चलने वाली ट्रेनों को रेलवे समय पर नहीं चला पा रही है। रविवार को भी ट्रेनें विलंब से पहुंची। भोपाल- दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस पांच घंटे, रीवा - बिलासपुर दो घंटे, ऋषिकेश नगरी - पुरी उत्कल एक्सप्रेस पांच घंटे, छपरा- दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस छह घंटा, हम सफर एक्सप्रेस ढाई घंटे , बरौनी- गोंदिया एक्सप्रेस तीन घंटे, गेवरा- रायपुर तीन घंटे, शालीमार- एलटीटी तीन घंटे, रायगढ़ - बिलासपुर दो घंटे, पुरी- वल्साड दो घंटे , टाटानगर - इतवारी तीन घंटे विलंब से बिलासपुर रेलवे स्टश्ेान पहुंची। इन ट्रेनों में सफर करने वाले और जिन्हें अलग- अलग स्टेशनों से यात्रा करनी थी।

उन सभी यात्रियों परेशानी हुई। दरअसल इनमें कई यात्री ऐसे थे, जिन्हें जरुरी काम के सिलसिले में जाना था। इस अव्यवस्था को लेकर यात्री रेलवे को कोसते भी नजर आए। यात्रियों का कहना है कि रेलवे में अब कोचिंग ट्रेनों के परिचालन को लेकर गंभीरता नहीं बरती जा रही है। पहले मालगाड़ी को प्राथमिकता दी जाती है। मालगाड़ी चलाने के लिए रेलवे ने थोक में ट्रेनें रद कर दी थी। अभी स्थिति यही है। अलग- अलग जगहों पर ब्लाक व मरम्मत कार्य का हवाला देकर यात्रियों का गुस्सा शांत करने का प्रयास किया जाता है। पर यात्रियों को सही जानकारी है। इसीलिए कई बार यात्री इसकी शिकायत कर चुके हैं। जनप्रतिनिधियों के द्वारा विरोध भी किया गया।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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