बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अलग- अलग सेक्शनों में संरक्षा व आधुनिकीकरण कार्य के चलते कई ट्रेनों प्रभावित थीं। उन्हें नियंत्रित करने के साथ ही कुछ स्टेशनों के बीच एक्सप्रेस को पैसेंजर बनाकर चलाई जा रही थी। यह स्थिति 31 जुलाई तक इसी तरह रहती। लेकिन रेलवे ने अपने इस निर्णय को वापस लिया है। इसके तहत 24 जुलाई से यह ट्रेनें पहले की तरह तय समय- सारिणी पर चलेंगी।

ट्रेनें प्रभावित होने से सबसे ज्यादा यात्रियों को परेशानी हो रही थी। उन्हें या तो इंतजार करना पड़ता था या फिर ट्रेन के बजाय दूसरे संसाधन से गंतव्य तक पहुंचना पड़ता था। एक जुलाई से यात्री इसी तरह परेशानी से जूझ रहे थे। रेलवे के निर्णय से यात्रियों को राहत मिली है। जिन ट्रेनों का परिचालन प्रभावित था उनमें प्रत्येक मंगलवार को मुंबई से छूटने वाली 12101 मुंबई - हावड़ा ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, 12129 पुणे - हावडा आजाद हिन्द एक्सप्रेस, प्रत्येक गुरुवार व रविवार को हावड़ा से छूटने वाली 12860 हावड़ा - मुंबई गीतांजलि एक्सप्रेस, 22894 हावड़ा - साईनगर शिरडी एक्सप्रेस, प्रत्येक शनिवार को कामाख्या से छूटने वाली 22512 कामाख्या - एलटीटी एक्सप्रेस, प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को 12855 बिलासपुर - इतवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस, 15231 बरौनी - गोंदिया एक्सप्रेस तथा 18237 गेवरारोड - अमृृतसर छत्तीसगढ एक्सप्रेस शामिल हैं। इन्हें अलग- अलग सेक्शनों में रोका जा रहा था। इसके चलते यात्री हलाकान थे। वहीं प्रत्येक मंगलवार को सिकंदराबाद से छूटने वाली 17007 सिकंदराबाद - दरभंगा एक्सप्रेस को समय पर छूटेगी। इसी तरह 18237/18238 गेवरा - अमृृतसर छत्तीसगढ एक्सप्रेस, 12855 बिलासपुर - इतवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस तथा 13287 दुर्ग - राजेंद्रनगर साउथ बिहार एक्सप्रेस सेक्शन में पैसेंजर के बजाय एक्सप्रेस बनकर ही चलेंगी। इससे यात्री समय पर गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।