बिलासपुर। भोजली विकास समिति के तत्वावधान में शहर के नागरिकों ने पांच जून से पांच जुलाई तक भोजली पर्व को विशेष दर्जा दिलाने पोस्ट कार्ड अभियान चलाया। बुधवार को नागरिकों के 2000 पोस्ट कार्ड डाक द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास भेजे गए। भोजली महोत्सव समिति तोरवा बिलासपुर के अध्यक्ष शंकर यादव ने बताया कि भोजली पर्व को विशेष स्थान दर्जा देने की मांग को लेकर बिलासपुर व आसपास के सात जिलों के नागरिकों द्वारा पोस्ट कार्ड अभियान चलाया गया।

मुख्यमंत्री के नाम चलाए गए इस अभियान को नागरिकों का जबरदस्त समर्थन मिला। भोजली महोत्सव समिति तोरवा बिलासपुर द्वारा विगत कई वर्षों से छत्तीसगढ़ के पारंपरिक भोजली पर्व के संवर्घन व त्योहार की महत्ता को सभी पीढ़ी व सभी वर्गों तक पहुंचाने प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में भोजली समिति के द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से पांच जून से पांच जुलाई तक पोस्ट कार्ड अभियान चलाया गया। इसे जिले के सभी समाजों के प्रमुखों के द्वारा सहयोग एवं समर्थन मिला।

भोजली पर्व को लेकर 2000 पोस्ट कार्ड भरा गया। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निवेदन किया गया है कि छत्तीसगढ़ लोक पर्व हरेली, तीजा, पोरा तिहार की तरह भोजली पर्व को भी एक अलग स्थान व विशेष महत्व दिया जाए। लेकिन आधुनिक के कारण आज भोजली त्योहार पर्व( मितानिन, मितान बनने का तिहार) मनाने की परंपरा विलुप्त होती जा रही है। खासकर के बड़े शहरों में। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक भोजली पर्व को विशेष स्थान देने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की गई है।

ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी लोक संस्कृति परंपरा से जुड़ सके। इस अभियान में मुख्य रूप से भोजली महोत्सव समिति तोरवा से गंगेश्वर सिंह उइके, सुनील भोई नंदकिशोर यादव, मुकेश केवट, शुभम यादव, कमल पटेल विनोद भोई , धनेश रजक गीता रजक , मनीष पटेल,मनोहर पटेल, महेंद्र घुरू, संजय पटेल,शशि सैनिक, राजा पांडेय, तुलाराम केवंट देवा भोई जुटे हुए हैं।

Posted By: Abrak Akrosh

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