बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी फरीद खान की बकरी ने ऐसे बकरे को जन्म दिया है, जिसकी नाक नहीं है। उसकी नाक की जगह पर दोनों आंखें हैं। आंखों की जगह पर गहरे गड्ढे हैं। यह बकरा मुंह से सांस लेकर जिंदा है।

चिकित्सकों ने ऑपरेशन के जरिए सांस लेने की जगह बनाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। इस बकरे का जन्म रविवार को हुआ है, जिसे देखकर मालिक व आसपास के लोग हैरान रह गए। बकरे की हालत देखकर इलाज के लिए तत्काल पशु चिकित्सक डॉ. अजय अग्रवाल से संपर्क किया गया।

डॉक्टरों की सलाह पर बकरे को डॉ. एसपी सिन्हा के क्लीनिक में ले जाया गया। जहां वरिष्ठ सर्जन डॉ. आरएम त्रिपाठी और डॉ. सिन्हा ने ऑपरेशन कर यह प्रयास किया कि कम से कम बकरा नाक से सांस ले सके, लेकिन इसमें सफल नहीं हुए। वरिष्ठ सर्जन डॉ.त्रिपाठी ने बताया कि यह बीमारी नहीं बल्कि गुणसूत्र की असामान्यता की वजह से होता है। इसे साइक्लोपिया कहते हैं।

केरल में नौ साल पहले आया था मामला

पशु चिकित्सक डॉ. सिन्हा का कहना है कि 10 मई 2011 में केरल में एक बकरी का बच्चा इसी तरह जन्म लिया था।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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