बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम भनेसर में होराइजन कोलवाशरी की जन सुनवाई को निरस्त करने ग्रामीण और स्कूल के विद्यार्थी सड़क पर उतरे। कलेक्टर कार्यालय के सामने एक घंटे बैठकर धरना प्रदर्शन किया। शासन प्रशासन से कोलवाशरी स्थापित नहीं करने की मांग की है। कोलवाशरी खोलने से आसपास कई प्रकार की समस्या उत्पन्न् होगी। भनेसर के पास सरकारी स्कूल संचालित हो रहा है। स्कूली छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रदुषण से ग्रामीणों के सेहत में विपरित प्रभाव पड़ेगा। इससे कई प्रकार की बीमारी फैलने की संभावना है। जिस क्षेत्र में वासरी संचालित है।वहां की स्थिति अत्यंत दयनीय है।

शिकायतकर्ता दिलीप अग्रवाल ने बताया कि जिस प्रकार से इस्पात उद्योग एवं कौलवाशरी का विस्तार एवं नई स्थापना की जा रही है। इसमें पर्यावरण विभाग द्वारा नियमों को ताक में रखकर लगातार जन सुनवाई कराई जा रही है। भारत सरकार के उद्योग नीति के विरुद्ध जाकर जन सुनवाई की जा रही है। होराइजन कोलवाशरी ग्राम भनेसर में विस्थापित की जा रही है। जिस पर क्षेत्र पर्यावरण अधिकारी से दस्तावेज की मांग की गई तो आधे-अधुरे दस्तावेज प्रदान किए गए। क्या भारत सरकार उद्योग नीति के नियमानुसार दूसरे जिले की सीमा से 10 किलो मीटर के अंदर आती है, जो जन सुनवाई दो दिवस में कराई जानी चाहिए। परंतु बिलासपुर जिले की सीमा से महज तीन किमी दूरी पर जांजगीर चांपा जिला लग जाता है।

इसके बावजूद भी जन सुनवाई को कराया जा रहा है। जांजगीर जिले में जन सुनवाई नहीं कराई जा रही है। क्या ये रिपोर्ट में सर्वेक्षण वहां पर कितने वृद्ध, कितने व्यस्क एवं कितने बच्चे हंै। इसका उल्लेख नहीं है। जमीन के प्रकारों का उल्लेख, फसलों का उल्लेख नहीं है। होराइजन कोलवाशरी द्वारा जिस कन्सटेन्सन कम्पनी द्वारा रिपोर्ट बनवाई गई है। उसमें पंचनामा नहीं है। जबकि सत्यापित पंचनामा की छाया प्रति रिपोर्ट में होनी चाहिए।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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