बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व के 350 से दैनिक वेतनभोगियों की हड़ताल दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। एक साथ इतने कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से सुरक्षा व्यवस्था लड़खड़ा गई थी। इसे देखते हुए प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। जिसमें कुछ स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली जा रही है। यही ग्रामीण बैरियर व पैदल गार्ड बनकर जंगल की निगरानी करते नजर आए। प्रबंधन का कहना है कि जब दैवेभो काम पर नहीं लौटते यही व्यवस्था रहेगी। दैनिक वेतन भोगी इसलिए हड़ताल कर पर चले गए हैं, क्योंकि उन्हें छह महीने से वेतन नहीं मिला है।

हालांकि वे लगतार मांग कर रहे थे। इस दौरान उन्हें आश्वासन भी मिल रहा था। लेकिन वेतन का भुगतान नहीं किया गया। इसलिए नाराज होकर काम बंद कर दिया। अब उनका टाइगर रिजर्व प्रबंधन को यही कहना है कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा वे काम पर नहीं लौटेंगे। चाहे इसके लिए जितना समय लग जाए। इसके चलते टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए। खासकर बैरियर, चौकीदारी, वायरलेस आपरेटिंग कार्य। इन जगहों पर बिना कर्मचारियों के काम नहीं हो सकता।

यहां की व्यवस्था न बिगड़े इसलिए डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा ने सभी वन परिक्षेत्र अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन संवेदनशील जगहों पर ऐसे स्थानीय ग्रामीणों की मदद लें, जो पढ़े- लिखे हैं। आदेश के अनुरूप अधिकारियों ने ऐसे ग्रामीणों की जानकारी ली और उन्हें यहां काम करने के लिए राजी किया। उन्हें जितने दिन काम करेंगे, मेहताना भी दिया जाएगा। ग्रामीणों ने हामी भी भर दी। ऐसे 200 से अधिक ग्रामीण है, जो टाइगर रिजर्व के संवेदनशील जगहों पर काम कर रहे हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local