बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

यात्रियों के लिए शनिवार परेशानी भरा रहा। यह स्थिति हावड़ा से आने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण निर्मित हुई। ट्रेनें तीन से 19 घंटे विलंब से पहुंचीं। इसके चलते भीषण गर्मी में यात्रियों ने ट्रेन के इंतजार में प्लेटफार्म पर गुजारा। ऐसा माना जा रहा है ये ट्रेनें लेट रवाना हुई हैं। इसलिए वापसी में भी देर से पहुंचेगी।

लेटलतीफी का सिलसिला हावड़ा- मुंबई मेल के साथ हुआ। सुबह सात बजे बिलासपुर पहुंचने वाली यह ट्रेन करीब तीन से चार घंटे विलंब से पहुंची। यही स्थिति हावड़ा- पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस और ज्ञानेश्वरी की रही। इन ट्रेनों के यात्रियों को प्लेटफार्म में समय गुजारना पड़ा। ट्रेन के पहुंचने से पहले यात्री कई बार इंक्वायरी में जाकर ट्रेन की जानकारी लेते रहे। इसके अलावा लेटलतीफी जानने की कोशिश भी की। लेकिन इंक्वायरी में बैठे कर्मचारियों को सही जानकारी नहीं थी। इसलिए यात्रियों को भी वजह नहीं बता पाए। जबकि रेल प्रशासन का कहना है कि चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रैक मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसके चलते ट्रेनों को नियंत्रित करने की सूचना पहले ही दे दी गई थी। शनिवार को तापमान काफी अधिक था। इसलिए गर्मी से यात्री बेचैन थे। इससे बचने के लिए यात्री इधर से उधर प्लेटफार्म ही घूमते नजर आए। वे चाहकर भी बाहर नहीं निकल पाए। उन्हें इस बात की चिंता थी कि कहीं ट्रेन पहुंच गई तो छूट जाएगी।

ट्रेनों की लेटलतीफी एक नजर में

12834 हावड़ा- अहमदाबाद एक्सप्रेस - आठ घंटे

13288 राजेंद्रनगर- दुर्ग साउथ बिहार एक्स. - साढ़े चार घंटे

12222 हावड़ा- पुणे दूरंतो - छह घंटे

18477 पुरी- हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस - सात घंटे

07008 दरभंगा- सिकंदराबाद एक्सप्रेस - 19 घंटे

Posted By: Nai Dunia News Network