बिलासपुर। वेब पोर्टल में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर टिप्पणी करने वाले के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जेल में डाल दिया गया। मामले में हाई कोर्ट ने आरोपित को राहत देते हुए जमानत आवेदन स्वीकार किया है। रायपुर निवासी मधुकर दुबे ने वेब पोर्टल में राजनीतिक टिप्पणी की थी।

उन्होंने लिखा था कि कुछ कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से दूरी बना रहे हैं। इस टिप्पणी पर विधायक बृहस्पति सिंह ने दुबे के विरुद्ध रायपुर सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस आधार पर दुबे को गिरफ्तार भी कर लिया गया। वे अभी जेल में हैं। ऐसे तीन मामले उन पर दर्ज किए गए हैं। इसमें से एक प्रकरण में उनको पूर्व में जमानत मिल चुकी है। इसी से संबंधित दूसरे मामले में दायर जमानत आवेदन पर शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने तथ्यों और पक्षों को सुनने के बाद दुबे का जमानत आवेदन स्वीकार किया है।

नौकरी लगाने के नाम पर 65 लाख की ठगी, जमानत अर्जी खारिज

बेरोजगारों को हाई कोर्ट में नौकरी लगाने का झांसा देकर स्र्पये वसूलने के आरोपित की जमानत अर्जी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। बिलासपुर के रामा लाइफ सिटी में रहने वाले यशवंत सोनवानी ने अपने साथ आशुतोष मीरी और अदिति पांडे के साथ मिलकर बेरोजगारों को हाई कोर्ट में नौकरी दिलाने का प्रलोभन दिया। यशवंत ने खुद को एसीबी का एसआइ, अदिति को धमतरी एसडीएम और आशुतोष को हाई कोर्ट का लिपिक बताया। अपनी पहुंच का झांसा देकर तीनों ने राजा खांडे समेत अन्य लोगों से 65 लाख स्र्पये नौकरी लगाने के नाम पर वसूल लिए।

नौकरी नहीं लगने पर पीड़ित ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपित ने अन्य लोगों को भी शिकार बनाया है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। निचली अदालत से जमानत नहीं मिलने पर तीनों ने हाई कोर्ट में अर्जी लगाई। आशुतोष मिरी के जमानत आवेदन पर शुक्रवार को जस्टिस पीपी साहू के बेंच में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद अर्जी खारिज कर दी। शिकायतकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट विवेकरंजन तिवारी और अतुल केशरवानी ने पैरवी की।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local