बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सिंचाई विभाग ने पथरिया क्षेत्र में बिना प्लानिंग घोंघा नाला में एक डायवर्सन स्कीम तैयार कर दी थी। नाले में पानी का बहाव कम होने के कारण कभी इससे सिंचाई नहीं हो पाई। पहली बार अरपा-भैंसाझार बैराज से नाले में पानी डालने के कारण इस डायवर्सन से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल पाया है। विभाग ने इस बार मांग के अनुसार किसानों को आगे भी पानी देने का आश्वासन दिया है।

शहर में बहने वाली अरपा नदी को अगर देखें तो नदी के पानी को केवल खोंगसरा डायवर्सन और अरपा चेकडेम के जरिए ही सिंचाई के काम में उपयोग किया जा रहा था। शेष जगहों पर बने एनीकट में केवल गर्मी के लिए पानी रोका जाता था। बारिश में आने वाला सारा पानी नदी में व्यर्थ ही बह रहा था। बनकर तैयार होने के बाद अरपा-भैंसाझार बैराज से पहली बार सिंचाई के लिए पानी दिया गया है। इसके जरिए नहर के किनारे पड़ने वाले छोटे जलाशयों को तो भरा ही गया। बचत पानी को घोंघा नाला में भी छोड़ दिया गया। नतीजा यह हुआ कि इस नाले पर बना विंध्यासर डायवर्सन शुरू हो गया। नाले के पानी को रोककर इस डायवर्सन के जरिए खेतों तक पहुंचाया गया है। इससे डेड सिंचाई स्कीम एक बार फिर शुरू हो गया है। सिंचाई विभाग ने किसानों को आश्वासन दिया है कि इस डायवर्सन से जब भी किसानों को पानी की जरूरत पड़ेगी,उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह अरपा नदी के पानी को सीधे डायवर्ट करके किसानों को उसका लाभ दिया जाएगा।

पांच प्रतिशत बढ़ा खूंटाघाट का जलस्तर

मंगलवार और बुधवार को हुई अच्छी बारिश के कारण खूंटाघाट बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। यहां जलस्तर में पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की है। इस तरह अब बांध का जलस्तर 40 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर गया है। अब सिंचाई विभाग में किसानों को एक बार फसल पकने के समय पानी देने की स्थिति में पहुंच गया है। इससे पूर्व कम जलभराव होने के कारण किसानों से मांग आने के बाद भी सिंचाई विभाग ने नहर में पानी छोड़ने से साफ इन्कार कर दिया था।

अरपा चेकडेम की नहर की मरम्मत

ग्रामीणों ने अरपा चेकडेम के नहर को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसके कारण नहर बंद कर दिया गया है। विभाग ने मरम्मत का काम लगभग पूरा कर लिया है। कुछ दिन बाद एक बार फिर नहर शुरू करने की तैयारी है। फिलहाल पानी को नहर के किनारे मौजूद छोटे जलाशयों में छोड़ा जाएगा। इससे किसान अपनी जरूरत के अनुसार उससे पानी ले सके।

विंध्यासर डायवर्सन से किसानों को फिलहाल पानी नहीं मिल रहा था, क्योंकि जिस नाले पर इसे बनाया गया है उसमें पानी जरूरत के अनुसार नही आता था। हमने अरपा भैंसाझार की नहर से नाले में पानी डालकर इस डायवर्सन स्कीम को चालू कर दिया है। इससे काफी बड़े क्षेत्र में सिंचाई हो रही है।

एके तिवारी

कार्यपालन अभियंता कोटा संभाग